सऊदी सेना में 'बवंडर' के पीछे सलमान की सोच क्या

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सऊदी अरब एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा है. मौजूदा सुल्तान किंग सलमान की हुकूमत की ये एक तरह से पहचान बन गई है.

हालांकि सऊदी अरब की ताज़ा हलचल के केंद्र में एक बार फिर से किंग सलमान के बेटे और सल्तनत के वारिस क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान हैं.

यमन के संघर्ष में सऊदी अरब की दखलंदाजी का फ़ैसला क्राउन प्रिंस सलमान ने लिया था और इसी के साथ ही उन्होंने सबको ये जता दिया था कि वे सऊदी निज़ाम के पुराने तौर-तरीकों में किस तरह से आमूलचूल बदलाव करेंगे.

यमन के मोर्चे पर सऊदी अरब ने भले ही हूथी बाग़ियों को मुल्क के दक्षिणी छोर तक खदेड़ दिया हो और सत्ता से बेदखल हुई सरकार को अपनी ज़मीन हासिल करने में मदद मिली हो, लेकिन हक़ीक़त तो ये है कि उसे अभी तक नाकामी ही मिली है.

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कौन बाहर? कौन अंदर?

सऊदी अरब के आर्मी चीफ़ जनरल अब्दुल रहमान सालेह अल-बुनयान उन लोगों में शामिल हैं जिनकी सेवाएं खत्म की गई हैं.

बीबीसी अरब अफ़ेयर्स एडिटर सेबास्टियन उशर के मुताबिक़ बर्ख़ास्त किए गए लोगों की जगह भरने के लिए सेना में बड़े पैमाने पर अफ़सरों को तरक्की भी दी गई है.

इसी के साथ सऊदी अरब में कई राजनीतिक नियुक्तियां भी की गई हैं.

इसमें श्रम और सामाजिक विकास विभाग के लिए एक महिला डिप्टी मिनिस्टर तमादार बिंत यूसुफ़ अल-रमाह की नियुक्ति भी शामिल है.

सऊदी अरब में बड़े पदों पर महिलाओं की नियुक्ति बहुत कम होती है और इस लिहाज से ये नई बात कही जा सकती है.

प्रिंस तुर्की बिन तलाल को दक्षिण-पश्चिमी प्रांत आसिर का गवर्नर नियुक्त किया गया है. प्रिंस तुर्की बिन तलाल अरबपति शहज़ादे प्रिंस अलवलीद बिन तलाल के भाई हैं.

अलवलीद बिन तलाल वही शख़्स हैं जिन्हें भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के तहत हिरासत में लिया गया था और दो महीनों के बाद रिहा कर दिया गया.

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वजह क्या हो सकती है

द टाइम्स मध्य पूर्व संवाददाता रिचर्ड स्पेंसर सऊदी अरब के ताज़ा घटनाक्रम की टाइमिंग को लेकर ध्यान दिलाया है.

फ़ौज के आला अफसरों को कुर्सी से हटाने का फ़ैसला ऐसे वक्त में लिया गया है जब क्राउन प्रिंस सलमान ब्रिटेन दौरे पर जाने वाले हैं.

माना जा रहा है कि यमन के युद्ध की वजह से ब्रिटेन में क्राउन प्रिंस सलमान को विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ सकता है.

सऊदी अरब की फौज यमन में एक ऐसी जंग में फंस गई है जिसकी वजह से क्राउन प्रिंस सलमान को न केवल घर में बल्कि विदेशों में भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

क्राउन प्रिंस सलमान अगले हफ़्ते ब्रिटेन, फ्रांस और अमरीका के दौरे जाने वाले हैं.

रिचर्ड स्पेंसर का कहना है, मुमकिन है कि क्राउन प्रिंस सलमान ने घरेलू मोर्चे पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए मिलिट्री कमांडरों को हटाने का फ़ैसला लिया हो.

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