सऊदी अरब: 'करप्शन पर मुहिम' से मिले 106 अरब डॉलर

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सऊदी अरब ने 'भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जो मुहिम' शुरू की थी, उसके 'नतीजे' आने लगे हैं.
सरकार के अटॉर्नी जनरल ने बताया कि इस 'अभियान में सेटलमेंट के तौर पर' 106.7 अरब डॉलर की 'वसूली' हुई है.
भारतीय मुद्रा में ये रकम करीब 6,805 अरब 32 करोड़ 60 लाख रुपये बनती है.
अटॉर्नी जनरल शेख सऊदी अस-मुजीब ने कहा, "चार नवंबर को हिरासत में लिए गए 381 लोगों में से अब भी 56 लोग नज़रबंद हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है. बाक़ी लोगों ने अपना जुर्म कबूल कर अपनी प्रॉपर्टी, नकदी, शेयर्स और दूसरी जायदाद सौंप दी हैं."
हालांकि उन्होंने नज़रबंद लोगों के नाम नहीं बताए लेकिन ये माना जा रहा है कि इसमें शहज़ादे, मंत्री और कारोबारी हैं.

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'रिट्ज़-कार्लटन' होटल
पिछले दिनों अरबपति निवेशक प्रिंस अलवलीद बिन तलाल और अलवलीद अल-इब्राहिम को 'रिट्ज़-कार्लटन' होटल से रिहा कर दिया गया था.
अलवलीद अल-इब्राहिम अरब टेलीविज़न नेटवर्क 'एमबीसी' के मालिक हैं. 'रिट्ज़-कार्लटन' वही होटल है जहां हिरासत में लिए गए ख़ास लोगों को नज़रबंद रखा गया था.
छोड़े गए दोनों ही लोगों ने ये ज़ोर देकर कहा था कि वे निर्दोष हैं लेकिन सऊदी अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों ने अपनी 'ग़लती' स्वीकार करने के बाद रिहाई के लिए 'वित्तीय समझौते' पर रज़ामंदी दी थी.
रिहा किए जाने वाले अन्य लोगों में प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्लाह के बारे में सूत्रों के हवाले से ये कहा जा रहा है कि उन्होंने एक अरब डॉलर से ज्यादा की प्रॉपर्टी सरेंडर की है.
प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्लाह सऊदी अरब के पुराने सुल्तान मरहूम किंग अब्दुल्ला के बेटे हैं.
56 अब भी हिरासत में...
प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्लाह के अलावा रिहा किए जाने वालों में स्टेट मिनिस्टर इब्राहिम अल-असफ़ का नाम भी लिया जाता है.
शेख मुजीब ने कहा कि 'हिरासत में बचे 56 लोगों के साथ 'सरकार ने समझौता करने से इनकार कर दिया है' क्योंकि 'उनके ख़िलाफ़ अन्य आपराधिक मुक़दमे लंबित हैं' और 'आगे की जांच जारी रखने के लिए उन्हें हिरासत में रखा गया' है.
माना जा रहा है कि इन लोगों को रिट्ज़-कार्लटन होटल से जेल ट्रांसफ़र कर दिया गया है. ये होटल अगले महीने फिर से खुलने वाला है.
'भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम'
पिछले हफ़्ते वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान ने कहा था कि इन वित्तीय समझौतों से मिले पैसे का इस्तेमाल सऊदी नागरिकों का जीवन स्तर सुधारने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम में खर्च किया जाएगा. ये कार्यक्रम 13.3 अरब डॉलर का है.
किंग सलमान के 32 वर्षीय बेटे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 'भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम' शुरू की है.
विश्लेषकों का कहना है कि ये मुहिम दरअसल सत्ता पर काबिज़ होने की लड़ाई है लेकिन क्राउन प्रिंस इन आरोपों को 'बेतुका' बताते हैं.
प्रिंस सलमान का कहना है कि जून में उनके क्राउन प्रिंस घोषित होने के बाद कई लोगों ने उनकी वफ़ादारी की कसमें खाई थीं और हिरासत में ऐसे लोगों को भी लिया गया है.
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