सऊदी अरब में बिछी शतरंज की बिसात, इसराइल को शह

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सऊदी अरब में एक अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट विवादों के बीच खेला जा रहा है क्योंकि इसमें इसराइल के खिलाड़ियों को हिस्सा लेने नहीं दिया गया.
टूर्नामेंट के लिए सऊदी अरब ने इसराइली खिलाड़ियों को वीज़ा देने से इनक़ार कर दिया था. सऊदी अरब का कहना है कि इसराइल के साथ उसके कूटनीतिक रिश्ते नहीं हैं.
अब इसराइली चेस फेडरेशन ने कहा है कि वो हर्जाने की मांग करेगा. रियाद में पहली बड़ी शतरंज प्रतिस्पर्धा का आयोजन हुआ है और इसे दुनिया के लिए सऊदी अरब के दरवाज़े खोलने के क़दम के तौर पर देखा जा रहा है.
लेकिन ये टूर्नामेंट विवादों में घिर गया है. दो बार की विश्व विजेता ने टूर्नामेंट का बहिष्कार करने की बात कही है क्योंकि वो सऊदी अरब में अबाया नहीं पहनना चाहतीं.
रियाद में नहीं खेलूंगी...
सऊदी अरब में महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर पूरे बदन को ढंकने वाला लिबास अबाया (एक तरह का बुर्का) पहनना होता है.
यूक्रेन की 27 वर्षीया चेस ग्रैंड चैंपियन अन्ना मुज़ीचुक ने कहा है कि इनाम की रिकॉर्ड रकम के बावजूद मैं रियाद में नहीं खेलूंगी, भले ही उन्हें अपनी दोनों वर्ल्ड चैंपियनशिप क्यों न गंवानी पड़े.
रियाद में खेले जा रहे 'किंग सलमान वर्ल्ड ब्लिट्ज़ एंड रैपिड चैंपियनशिप्स, 2017' के ओपनिंग इवेंट के लिए $750,000 (भारतीय मुद्रा में क़रीब चार करोड़ 81 लाख रुपये) की इनामी रकम घोषित की गई है और महिलाओं के लिए $250,000 (भारतीय मुद्रा में करीब एक करोड़ 60 लाख रुपये) तय किया गया है.
इस साल की शुरुआत में ईरान की राजधानी तेहरान में खेले गए विश्व चैंपियनशिप के बारे में अन्ना मुज़ीचुक ने फ़ेसबुक पर लिखा, "क्या ज़िंदगी इतनी ख़तरे में हैं कि हर वक्त अबाया पहनना पड़ेगा. हर चीज़ की एक हद होती है."

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सऊदी अरब में लैंगिक बराबरी
नवंबर में वर्ल्ड चेस फ़ेडरेशन ने नवंबर में घोषणा की थी कि खेल प्रतिस्पर्धाओं के दौरान महिलाओं के अबाया पहनने की शर्त हटाने पर सहमत हो गए हैं. फेडरेशन ने कहा था कि सऊदी अरब में आयोजित की जाने वाली किसी खेल प्रतिस्पर्धा में ये पहली बार होगा.
लेकिन अन्ना मुज़ीचुक ने 23 दिसंबर को एक और फ़ेसबुक पोस्ट लिखा, टाइटल गंवाने की बात पर मन खट्टा होने के बावजूद वो अपने सिद्धांतों पर कायम रहेंगी और इस चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगी.
अन्ना मुज़ीचुक का विरोध ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब में महिलाओं पर लगी पाबंदियों पर लोगों का ध्यान बढ़ा है. हालांकि आने वाले साल में सऊदी अरब में महिलाएं ड्राइविंग कर सकेंगी लेकिन लोगों का कहना है कि लैंगिक बराबरी और मानवाधिकारों के मामले में सऊदी अरब को लंबा फासला तय करना है.
अमरीका के तीसरे नंबर के खिलाड़ी हिकारु नकामारु ने कहा है कि सऊदी अरब में इस प्रतिस्पर्धा का आयोजन एक डरावना फ़ैसला है.
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ईरान और क़तर
एक तरफ़ जहां इसराइल के सात खिलाड़ियों को सऊदी अरब ने वीज़ा देने से इनकार किया है, वहीं क़तर और ईरान के खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं.
सऊदी अरब से तल्ख रिश्तों के बावजूद उन्हें आखिरी लम्हों में वीज़ा जारी किया गया.
इसराइल की चेस संस्था का कहना है कि भले ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते नहीं थे लेकिन उन्हें विश्वास था कि उसके खिलाड़ियों को खेलने दिया जाएगा.
इसराइली चेस फ़ेडरेशन ने सऊदी अरब पर वर्ल्ड चेस फ़ेडरेशन को झूठा भरोसा दिलाकर इवेंट की मेजबानी हासिल करने का आरोप लगाया है.
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