विदेशियों को इस तरह लुभा रहा है चीन

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चीन उच्च प्रतिभाशाली लोगों को विदेशों से आकर्षित करने के लिए लंबी अवधि का वीज़ा दे रहा है.
चीनी मीडिया के मुताबिक ये मल्टी-एंट्री वीज़ा पांच से 10 सालों के लिए वैध होगा.
इसके लिए ज़्यादा मांग वाले क्षेत्रों से तकनीकी विशेषज्ञ, उद्यमी और वैज्ञानिक आवेदन करने के लिए योग्य हैं.
चीन ने अपने आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए लक्ष्य तय किए हैं और इन्हें पाने के लिए वह विदेशों से विशेषज्ञों को नियुक्त करना चाहता है.
चीन का कहना है कि जब इस स्कीम को पहली बार अपनाया जाएगा तो कम से कम 50 हज़ार विदेशियों को फ़ायदा होगा.
नोबल पुरस्कार पाने वालों का स्वागत

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वीज़ा के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं जिसकी फीस नहीं लगेगी और वो जल्दी ही प्रोसेस हो जाएंगे.
वीजा प्राप्त करने वालों को एक बार में 180 दिनों तक देश में रहने की इजाजत होगी और वो अपने साथ पाटर्नर और बच्चों को भी ला सकेंगे.
साल 2016 में चीन ने प्रवासियों के लिए रैंकिंग सिस्टम शुरू किया था. इसका मक़सद चीन की ज़रूरत के अनुसार प्रतिभाओं को चुनना और कम प्रतिभा वाले लोगों को छांटना था.
उस समय पर जारी किए गए एक दस्तावेज़ के अनुसार उच्च विदेशी प्रतिभाओं में नोबल पुरस्कार प्राप्तकर्ता, सफल ओलंपिक एथलीट और 'म्यूज़िक फ़ाइन आर्ट और आर्ट के विश्व प्रसिद्ध कॉलेजों' के निर्देशक शामिल हैं.
शीर्ष वैज्ञानिक, बड़े वित्तीय संस्थानों के प्रमुख और विदेशी उच्च स्तरीय विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर भी इसमें शामिल हैं.












