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उत्तर कोरिया को उकसा रहा है अमरीका: रूस
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ का आरोप है कि अमरीका उत्तर कोरिया को अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को तेज़ करने के लिए उकसा रहा है.
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की राजदूत निक्की हेली की इस अपील को भी ठुकरा दिया कि हालिया मिसाइल परीक्षण के बाद सभी देशों को उत्तर कोरिया के साथ संबंध ख़त्म कर लेने चाहिए.
रूस के मुताबिक़,''रोक लगाने से कुछ नहीं बदलता और इसके बजाय बातचीत की जानी चाहिए.''
अमरीका ने चेतावनी दी थी कि अगर जंग हुई तो उत्तर कोरिया की सरकार "पूरी तरह तबाह" हो जाएगी.
कितना सच है उत्तर कोरिया के दावों में
बुधवार को उत्तर कोरिया ने एक नई बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने का दावा किया. उत्तर कोरिया के मुताबिक़ इस मिसाइल की पहुंच अमरीका तक है.
हालांकि सुरक्षा जानकार उसके इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं.
वे जानना चाहते हैं कि क्या उत्तर कोरिया के पास ऐसी मिसाइल लॉन्च करने वाली तकनीक है जिसके ज़रिए कोई हथियार धरती के वातावरण में दोबारा प्रवेश कर सके?
सर्गेई लावरोव ने क्या कहा
बेलारूस की राजधानी में बोलते हुए रूसी विदेश मंत्री लावरोफ़ ने सवाल उठाया कि क्या अमरीका वाक़ई उत्तर कोरिया को तबाह करने की कोशिश कर रहा है?
लावरोफ़ ने कहा, ''ऐसा लगता है मानो सब कुछ एक योजना के तहत किया गया है जिससे किम जोंग-उन और ऐसे काम कर सकें जिनकी सलाह नहीं दी जा सकती.''
लावरोफ़ चाहते हैं कि ''अमरीका सबको बताए कि वो आख़िर चाहता क्या है. अगर वे उत्तर कोरिया को तबाह करने की कोई वजह ढूंढ रहे हैं, जैसा कि अमरीकी राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में भी कहा तो उन्हें यह बात खुलकर बोलनी चाहिए और अमरीका के शीर्ष नेतृत्व को भी इसकी पुष्टि करनी चाहिए.''
उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का नया दौर शुरू करने की वकालत करते हुए लावरोफ़ ने कहा, ''हम पहले भी कई बार कह चुके हैं कि रोक लगाने के नतीजे सामने आ चुके हैं. पाबंदी लगाने वाले इन प्रस्तावों में नेताओं के बीच बातचीत की शुरुआत का भी प्रावधान होना चाहिए था. लेकिन अमरीका को इसकी कोई ज़रूरत नहीं लगती और मेरे ख़्याल से यह एक बड़ी ग़लती है.''
चीन के अलावा रूस उन गिने-चुने देशों में से है जिनके उत्तर कोरिया के साथ अच्छे संबंध हैं.
अमरीका क्या चाहता है
संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निक्की हेली ने सभी देशों से उत्तर कोरिया के साथ सभी तरह के राजनीतिक और व्यापारिक रिश्ते तोड़ने की अपील की.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उत्तर कोरिया को तेल सप्लाई रोकने के लिए कहा.
निक्की हेली ने कहा कि हमें पता है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के लिए तेल कितना ज़रूरी है. इस तेल की सबसे बड़ी सप्लाई चीन से आती है.
चीन उत्तर कोरिया का बहुत पुराना साथी और सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है. उत्तर कोरिया अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर तेल चीन से ही मंगवाता है.
उत्तर कोरिया के साथ रिश्ते ख़त्म करने की अमरीकी सलाह पर चीन के विदेश मंत्री ने बस इतना कहा कि ''उनके देश ने हमेशा गंभीर, पारदर्शी, सख़्त और पूरी जानकारी देने वाले प्रस्ताव पर ही काम किया है.''
इस मिसाइल में क्या अलग है
बुधवार को छोड़ी गई ह्वासोंग-15 मिसाइल पहले छोड़ी गई सभी मिसाइलों से ज़्यादा ऊपर गई.
सरकार के मुताबिक़ मिसाइल 4,475 किलोमीटर की ऊंचाई तक गई जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ऊंचाई से दस गुना ज़्यादा है.
एमआईटी में राजनीति विज्ञान के एसोसिएट प्रोफ़ेसर विपिन नारंग ने बीबीसी को बताया कि ''उन्होंने सीमा इतनी बढ़ा दी है कि अब यक़ीन के साथ यह नहीं कहा जा सकता कि उत्तर कोरिया के पास अमरीका पर हमला करने की क्षमता नहीं है.''
हालांकि अमरीका की एक ग़ैर-लाभकारी संस्था यूनियन ऑफ़ कन्सर्न्ड साइंटिस्ट के डेविड राइट ने अपने ब्लॉग में कहा कि ''उत्तर कोरिया की मिसाइल में कोई बहुत हल्का, नकली हथियार रखा गया होगा. जिसका मतलब है कि हो सकता है कि मिसाइल असल परमाणु बम को इतनी दूरी तक न ले जा सके क्योंकि असली बम में बहुत वज़न होगा.''
सितंबर में उत्तर कोरिया ने ऐसे परमाणु हथियार का परीक्षण करने का दावा किया था जिसे किसी लंबी दूरी की मिसाइल पर लोड किया जा सके. 2006 के बाद यह उत्तर कोरिया का छठा परमाणु परीक्षण था.
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