परमाणु युद्ध की आशंका के चलते जापान में हुई ड्रिल

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जापान ने बीते शनिवार को उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच परमाणु युद्ध होने की आशंका के चलते घरों और रिहायशी स्थानों को खाली कराने की एक ड्रिल कराई. जापान पूरी दुनिया में परमाणु बम की मार झेलने वाला इकलौता देश भी है.

इसका उद्देश्य परमाणु हमले की स्थिति में घरों को खाली करने के लिए लोगों को तैयार करना था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, जापान के कोट्युरा द्वीप में अलार्म बजते ही मैदानों में फुटबॉल खेलते हुए बच्चों ने घरवालों और टीम कोच के साथ स्कूल में शरण ली.

अधिकारियों के मुताबिक, ये ड्रिल 18,000 की जनसंख्या वाले कोट्युरा कस्बे में हुई जिसमें तकरीबन 130 लोगों ने भाग लिया.

लोग तकरीबन 10 मिनट तक अपनी हथेलियों से अपने सिरों को ढककर दुबके बैठे रहे. ड्रिल में भाग लेने वाले कई लोगों ने कहा कि वे डरे हुए थे.

जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे

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इमेज कैप्शन, अमरीकी जनरल जोसेफ़ डनफ़र्ड के साथ जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे

उत्तर कोरिया का पुराना इतिहास

जापान का प्रशासन अख़बारों में नोटिस जारी करके लोगों को मिसाइल गिरने की स्थिति में मजबूत इमारतों के पीछे छिपने के निर्देश जारी कर रहा है.

उत्तर कोरिया की मिसाइल बस 10 मिनट में जापान पहुंच सकती है.

हालांकि, इवेक्वेशन ड्रिल सिर्फ़ सुदूर कस्बे कोट्युरा में हो रही है.

उत्तर कोरिया इससे पहले भी अमरीकी समर्थक और सहयोगी देश जापान को धमकी दे चुका है.

38 वर्षीय अकीरा हमाकावा कहती हैं, "मैं हर रोज़ इस चिंता में रहती हूं कि उत्तर कोरिया की मिसाइल क्षमताओं की वजह से हमारे ऊपर मिसाइल गिर सकती है."

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तनाव बरकरार है...

उत्तर कोरिया के इतनी तेजी से परमाणु हथियार हासिल करने से इस पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है.

अमरीकी राष्ट्रपति ने इस महीने में ही उत्तर कोरिया को धमकी देते हुए कहा है कि अगर वह अमरीका को धमकी देगा तो उसे अमरीकी गु्स्से और विध्वंस का सामना करना होगा.

उत्तर कोरिया ने इस धमकी के जवाब में कहा कि अमरीकी द्वीप गुआम पर हमला करने की धमकी दी.

लेकिन ऐसी मिसाइलों का रास्ता पश्चिमी जापान के ऊपर से होकर जाता है.

हालांकि, उत्तर कोरिया बुधवार को कह चुका है कि उसने गुआम हमले की योजना को फ़िलहाल के लिए टाल दिया है लेकिन अभी भी तनाव बरकरार है.

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