संयुक्त अरब अमीरात की नई धमकी, या तो हमें चुनो या फिर क़तर को

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क़तर से राजनयिक और व्यापारिक संबंध तोड़ने वाले अरब और खाड़ी के देश उस पर और अधिक प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं.
ये बात रूस में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत उमर ग़ोबाश ने ब्रिटिश अखबार गार्डियन को दिए एक इंटरव्यू में कही.
अमीराती राजदूत ने बताया कि नए प्रतिबंधों में इस बात की संभावना भी है कि क़तर विरोधी अरब देश अपने व्यापारिक सहयोगियों से ये कहें कि वे या तो क़तर को चुनें या फिर उन्हें.
सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और बहरीन ने क़तर पर चरमपंथ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.
उन्होंने क़तर को ईरान से रिश्ते तोड़ने और अल जज़ीरा न्यूज़ चैनल बंद करने करने के लिए भी कहा है.
क़तर पर प्रतिबंध
क़तर ने इन आरोपों से इनकार किया है और अरब जगत में विरोधी मुल्कों की मांगों को गैरवाजिब कहा है.
राजनयिक संबंध खत्म करने वाले देशों में हैं सउदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, यमन और लीबिया शामिल हैं.
सऊदी अरब, यूएई, मिस्र और बहरीन से क़तर के लिए हवाई, ज़मीनी और समुद्री रास्ते बंद कर दिए गए.
इस विवाद में कतर के खिलाफ कार्रवाई करने वाले सभी अरब देशों के अमरीका के साथ अच्छे रिश्ते हैं.
दूसरी तरफ, अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टलरसन का यही कहना है कि क़तर पर प्रतिबंध हटाने के लिए चार अरब देशों की ओर से रखी गई शर्तों में से कुछ को पूरा करना मुश्किल है.
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