You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
ट्रंप का फ़ोन नहीं उठाया इसलिए मुझे हटाया: प्रीत भरारा
अमरीका के पूर्व सरकारी वकील प्रीत भरारा ने दावा किया है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप का फ़ोन नहीं उठाने की वजह से उन्हें नौकरी से निलंबित कर दिया गया.
एबीसी न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप ने सरकार और स्वतंत्र अपराध जांचकर्ताओं के बीच ज़रूरी बनाई रखने वाली दूरी को लांघ दिया है.
व्हाइट हाउस ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
ओबामा प्रशासन में अमरीका के मुख्य सरकारी फेडरल वकील रहे भरारा ने कहा है कि ऐसा लगता है कि बीते साल 2016 में मुलाकात के बाद ट्रंप उनसे एक तरह का संबंध बनाने की कोशिश कर रहे थे.
उन्होंने कहा है कि उन्हें लगा कि राष्ट्रपति बनने के बाद उनसे इस तरह का संबंध अनुचित होगा.
ओबामा ने कभी नहीं फ़ोन किया
भरारा कहते हैं, "ओबामा ने साढ़े सात सालों के दौरान एक बार भी फ़ोन नहीं किया. राष्ट्रपति को मुझे कभी फ़ोन नहीं करना चाहिए क्योंकि दोनों पदों पर आसीन लोगों के बीच अधिकार क्षेत्र की वजह से एक दूरी बनी रहनी चाहिए.
ये इंटरव्यू एफ़बीआई के पूर्व प्रमुख जेम्स कोमी के अमरीकी सीनेट के सामने राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हाथ होने की जांच के संबंध में गवाही के दौरान आया.
कोमी कह चुके हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार उन्हें उनके प्रति ईमानदार रहने को कहा था.
राष्ट्रपति ने इस आरोप को पूरी तरह निराधार बताते हुए भरारा के पूर्व सहयोगी जेम्स कोमी के निजी बातचीत के सार्वजनिक करने की हरकत को कायर हरकत क़रार दिया है.
कौन हैं प्रीत भरारा?
भारत में प्रीत भरारा का नाम कम ही लोगों ने सुना होगा लेकिन अमरीकियों के लिए वो एक जाने-पहचाने चेहरे हैं.
भरारा के माता-पिता पंजाब के फिरोज़पुर ज़िले के हैं और जब भरारा केवल दो साल के थे तो वो अमरीका चले गए थे.
भरारा ने भी राष्ट्रपति ओबामा की तरह कोलंबिया लॉ स्कूल और हार्वर्ड से क़ानून की पढ़ाई की है.
भारतीय मूल के प्रीत भरारा के ज़िम्मे अक्सर हाई प्रोफ़ाइल भारतीयों और दक्षिण एशियाई लोगों के ही मामले आए.
इनमें रजत गुप्ता का वित्तीय धोखाधड़ी का मामला, पाक चरमपंथियों और सूरीनाम के राष्ट्रपति के बेटे जैसे मामले शामिल हैं.
पाकिस्तानी चरमपंथियों ख़ालिद शेख़ मोहम्मद और फ़ैसल शहज़ाद के मामले भी प्रीत भरारा ने सरकारी वकील की भूमिका नभाई और सबकी वाहवाही लूटी.
टाइम मैगज़ीन उन्हें दुनिया के 100 सबसे शक्तिशाली हस्तियों में शामिल कर चुकी है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)