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कोमी- ट्रंप ने एफ़बीआई के बारे में 'झूठ' कहा
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी ने अमरीकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के सामने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ अपने रिश्तों के बारे में विस्तार से बताया है.
कोमी ने संसदीय समिति को बताया कि ट्रंप प्रशासन की उनके और एफ़बीआई के बारे में की गई टिप्पणी "साफ़ झूठ" थी.
कोमी ने समिति से कहा कि उन्होंने एजेंसी और इसके नेतृत्व को बदनाम कर गलत किया.
जेम्स कोमी को ट्रंप प्रशासन ने उनके पद से हटा दिया था. अब सुनवाई में कोमी ने अपने और ट्रंप के असाधारण रिश्तों के बारे में बताया है.
कोमी ने समिति के सामने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास उन्हें बर्खास्त करने का अधिकार था, लेकिन वो अपनी बर्खास्तगी के कारणों के बारे में असमंजस में थे.
बाद में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कभी भी जाँच में बाधा नहीं डाली.
ट्रंप के वकील मार्क कासोवित्ज़ ने एक बयान में कहा कि कोमी के बयान से आखिरकार सार्वजनिक रूप से स्पष्ट हो गया कि रूस के राजनीतिक हस्तक्षेप संबंधी जाँच में राष्ट्रपति ट्रंप कभी भी जाँच के दायरे में नहीं थे.
बयान में ट्रंप ने इस बात से भी इनकार किया कि उन्होंने निजी मुलाक़ात में कोमी से वफ़ादारी निभाने या बर्खास्त किए गए पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के बारे में जांच रोकने को कहा था.
अपने बयान में कोमी ने कहा कि ट्रंप ने मुलाक़ातों के दौरान बार-बार दोहराया कि वो (कोमी) बेहतरीन काम कर रहे हैं.
कोमी ने कहा कि उन्हें इसलिए बर्खास्त किया गया ताकि रूस के हस्तक्षेप की जाँच के तरीके को बदला जा सके.
'ट्रंप पर था दबाव'
कोमी ने राष्ट्रपति ट्रंप के बारे में कहा, "मैं जानता हूँ कि मुझे इसलिए हटाया गया क्योंकि जिस तरह से मैं रूस के हस्तक्षेप की जाँच कर रहा था, उससे उन (ट्रंप) पर दबाव बन रहा था, ये बात उन्हें परेशान कर रही थी."
समिति के सामने करीब तीन घंटे तक दिए बयान में कोमी शांत दिखे, हालाँकि जब उन्होंने अपना बयान शुरू किया तब वो कुछ भावुक नज़र आए.
कोमी ने ये भी कहा कि ट्रंप ने उन्हें माइकल फ्लिन के बारे में जांच को रोक देने के संकेत भी दिए थे. हालांकि ट्रंप ने सीधे तौर पर उनसे अपने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के बारे में चल रही जांच रोकने के लिए नहीं कहा था.
फ्लिन को रूस से अपने संबंधों के बारे में झूठ बोलने पर पद से हटा दिया गया था.
डर
कोमी ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि उन्होंने ट्रंप के साथ हुई अपनी हर मुलाकात के बारे में नोट्स लिखे थे क्योंकि उन्हें अंदेशा था कि ट्रंप इस बारे में बाद में झूठ बोल सकते हैं.
ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि उनके और कोमी के बीच हुई मुलाक़ाते की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं.
अमरीकी सीनेट की इंटेलिजेंस समिति अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में रूस के हस्तक्षेप की जांच कर रही है.
राष्ट्रपति ट्रंप पर रूस से संबंध होने के आरोप लगते रहे हैं जिन्हें वो सिरे से ख़ारिज करते रहे हैं.
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