8 साल तक 'सेक्स स्लेव', कैमरे से रिकॉर्डिंग

एक महिला आठ साल एक 'कैदख़ाने' में गुज़ारती है.

दर्द और तकलीफ़ के इस आठ बरस का ख़ौफ उस पर इस क़दर हावी होता है कि वो 'क़ैदख़ाने' से बरामदगी के बाद भी बाहर निकलता नहीं चाहती.

उत्तरी आयरलैंड के अरमाग काउंटी के एक घर में पीड़िता के क़ैदख़ाने वाला कमरा उसकी दर्द भरी कहानी कहता है.

छोटे से उस कमरे में न रोशनी थी, न चादर था और न ही कोई पर्दा.

'सेक्स स्लेव'

केवल एक छोटा सा बिस्तर, एक गद्दा, गंदे तकिये और एक कचरे का डिब्बा, यही सब उसके कमरे में मिला था.

पीड़िता की पहचान अभी तक ज़ाहिर नहीं की गई है. उन्हें यहां साल 2004 से 2012 तक क़ैद रखा गया था.

इस दौरान पीड़िता एक 'सेक्स स्लेव' के रूप में इस घर में क़ैद रखी गई. 'सेक्स स्लेव' यानी ऐसी ग़ुलाम जिसका यौन शोषण किया जा सके.

पीड़िता को यहां क़ैद रखने वाले कीथ (61 साल) और कैरोलिन (54 साल) बेकर को मार्च में दोषी ठहराया गया और फिलहाल वे जेल में हैं.

गुमशुदगी

मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी जॉर्ज क्लार्क का कहना है कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी का ये 'सबसे घिनौना अपराध' देखा है.

आठ साल की गुमशुदगी के बाद ऐसा कोई नहीं था जिसे उस महिला की तलाश थी.

कौन जानता था कि उस महिला को और न जाने कितने साल कीथ बेकर के घर में सबकुछ झेलना पड़ता.

इस कहानी के चार किरदार हैं. पहली पीड़िता, बेकर दंपती और मैंडी हाइफील्ड.

यौन उत्पीड़न

कीथ बेकर के आठ बच्चों में से चार की मां मैंडी ने ही पुलिस को उनका सुराग़ दिया था.

कीथ के बाकी चार बच्चों की मां कैरोलिन हैं.

कीथ बेकर के घर को अब भुतहा घर के तौर पर जाना जाता है. पुलिस ने अपनी तफ़्तीश में पाया कि यौन उत्पीड़न की घटना को रिकॉर्ड किया जाता था.

और इसके लिए घर के छत में कैमरा फिक्स किया गया है.

पुलिस मैंडी के दिए सुराग़ पर जब यहां पहुंची तो उन्हें यहां के हालात का अंदाज़ा नहीं था.

15 साल जेल

पीड़िता इस क़दर कमज़ोर थीं कि उनका वज़न 38 किलो ही रह गया था, उनके मुंह में केवल एक दांत बचा था.

पुलिस का मानना है कि 2004 में महिला कहीं से जबरन लाई गई थी. पीड़िता के पति ने 2004 में ही उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी.

अपहरण और आठ सालों के यौन शोषण के लिए कीथ बेकर को 15 साल जेल और पांच साल प्रोबेशन की सजा सुनाई गई है.

कैरोलिन को 18 महीने की सजा सुनाई गई है और उन पर 18 साल नजर रखी जाएगी.

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