पाकिस्तान में लापता हुए दो भारतीय मौलाना

दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह के दो मौलाना पाकिस्तान में लापता हो गए हैं.

भारत ने पाकिस्तान सरकार के सामने ये मामला उठाया है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफ़ीस ज़कारिया ने बीबीसी को बताया कि भारतीय सरकार ने पाकिस्तान में भारत के दो नागरिकों के लापता होने के बारे में जानकारी मांगी है.

नफ़ीस ज़कारिया ने कहा कि इस बारे में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने को कहा गया है.

इससे पहले समाचार एजेंसी पीटीआई ने नई दिल्ली में सूत्रों के हवाले से ख़बर दी कि निज़ामुद्दीन दरगाह के प्रमुख मौलाना आसिफ़ निज़ामी और नज़ीम निज़ामी पाकिस्तान के लाहौर में दाता दरबार दरगाह पर गए थे और उन्हें बुधवार को कराची से भारत वापस लौटने के लिए विमान में सवार होना था.

सूत्रों का कहना है, "उनके परिवार के मुताबिक आसिफ़ को कराची जाने दिया गया था जबकि नज़ीम को यात्रा के लिए ज़रूरी कागज़ात पूरे न होने की वजह से लाहौर हवाई अड्डे पर रोक दिया गया."

सरवर चिश्ती

इसके अलावा दाता दरबार के एक प्रबंधनकर्मी ने नाम न बताने की शर्त पर बीबीसी संवाददाता उमर दराज़ को बताया कि चार दिन पहले भारतीय मौलाना दाता दरबार आए थे.

उन्होंने एक भारतीय मौलाना का नाम सरवर चिश्ती बताया है जो दिल्ली की हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह के गद्दीनशीन हैं.

उन्होंने बताया कि सरवर चिश्ती साल में तीन-चार बार दाता दरबार में ज़ियारत के लिए आते रहते हैं और चार-पांच दिन पहले वो अपने तीन-चार दोस्तों के साथ दाता दरबार आए थे.

हालांकि ये अभी साफ़ नहीं हो सका है कि पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जिन आसिफ़ और नज़ीम निज़ामी का नाम लिया जा रहा है, उनकी पहचान और सरवर चिश्ती की पहचान में क्या समानता है.

पीटीआई के मुताबिक आसिफ़ और नज़ीम लाहौर में दाता दरबार दरगाह में ज़ियारत के लिए जाने से पहले आठ मार्च को अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए कराची गए थे.

एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दिल्ली की निज़ामुद्दीन दरगाह और पाकिस्तान में दाता दरबार दरगाह के मौलाना नियमित तौर पर दोनों देशों में आते-जाते रहते हैं.

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