श्रीनिवास के अंतिम संस्कार में उमड़े लोग

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अमरीकी राज्य कैनसस के ओलेथ में हुए हमले में मारे गए भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीवोतला के अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.
दक्षिण भारत के हैदराबाद के निवासी श्रीनिवास का जब यहाँ पर अंतिम संस्कार किया जा रहा था तब उनके गमज़दा परिजन और दोस्तों की आंखें नम थीं.
श्रीनिवास कुचीवोतला और उनके दोस्त आलोक मदासानी कैनसस के एक बार में शराब पी रहे थे जब एक व्यक्ति ऐडम पुरिंटन ने उन दोनों को गोली मारी.
हमलावर गोलियां चलाते कथित तौर पर उन पर चिल्ला रहा था "मेरे देश से बाहर निकलो".
अधिकारी जांच कर रहे हैं कि क्या ये हमला नस्लवाद से प्रेरित था.
मृतक श्रीनिवास के चाचा पीएल नारायणा को जब इस हिंसक हमले के बारे में पता चला तो उन्होंने परिवार के सदमे को बयां किया.

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उन्होंने कहा, "ये बेहद क्रूर घटना है. वो बहुत ही दयालु था और बेहद दोस्ताना. वो इस बात को लेकर बहुत उत्साहित था कि वो और उसकी पत्नी जल्द ही मां बनने वाली थी. अब यह हो गया."
श्रीनिवास जीपीएस बनाने वाली एक अमरीकी कंपनी गारमिन में काम करते थे.
सोमवार को उनका शव भारत लाया गया. उनकी विधवा पत्नी सुनयना दुमाला और अमरीका में पढ़ाई कर रहे उनके भाई साई किरण भी अंतिम संस्कार के लिए भारत लौट आए हैं.
अंतिम संस्कार में करीब 200 लोग जमा हुए, जहां केंद्रीय श्रम और रोज़गार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय भी पहुंचे.
तेलंगाना में उनके पैतृक घर से फूलों से सजा हुआ उनका पार्थिव शरीर श्मशान घाट ले जाया गया जहां हिन्दू रीति रिवाज़ों के अनुसार चिता में उनका दाह संस्कार किया गया.

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श्रीनिवास के शव को जब चिता पर ले जाते वक्त उनकी मां बहते आंसूओं के साथ कह रही थीं, "मैंने उससे कहा था कि अगर तुम ख़ुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हो तो भारत वापस लौट आओ. लेकिन वो कहा करता था कि वो सकुशल और सुरक्षित है. अब मैं चाहती हूं कि उसका परिवार और मेरा छोटा बेटा साई किरण वापस लौट आएं. मैं उन्हें वापस जाने नहीं दूंगी."
श्रीनिवास की मां ने कहा , "मेरा बेटा एक बेहतर भविष्य की तलाश में वहां गया था. उसने क्या अपराध कर दिया?

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श्रीनिवास कुचीवोतला और उनके दोस्त आलोक मदासानी ओलेथ शहर में बीते हफ्ते बुधवार शाम ऑस्टिन बार ऐंड ग्रिल में गोली मारी गई थी.
मदासानी ने बीबीसी को बताया कि हमलावर ने उनसे ये जानना चाहा था कि क्या अमरीका में वे क़ानूनी तौर पर रह रहे हैं.
सोमवार को संदिग्ध हमलावर 51 साल के ऐडम पुरिंटन को अदालत में हत्या के आरोप में और हत्या की कोशिश के दो मामलों में दोषी ठहराया गया.
गोलीबारी की घटना के बाद पुरिंटन घटनास्थल से फरार हो गया था. संदिग्ध हमलावर ऐडम पुरिंटन अमरीकी नौसेना में सिपाही रह चुका है.
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