अमरीका में भारतीय इंजीनियर की हत्या

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- Author, ब्रजेश उपाध्याय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, वॉशिंगटन
अमरीका के कैंसस राज्य के एक रेस्तरां में एक हमलावर ने दो भारतीय समेत तीन लोगों पर गोली चलाई. इसमें एक भारतीय युवक की मौत हो गई है.
पुलिस के मुताबिक़ हमलावर, 51 साल के ऐडम पुरिंटन को कुछ घंटे बाद पड़ोस के मिसूरी राज्य में गिरफ़्तार कर लिया गया.
स्थानीय मीडिया ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा है कि ये नस्लवादी हमला था. हमलावर ने गोली चलाने से पहले चिल्लाकर कहा, " मेरे देश से बाहर निकलो.''
अनुमान लगाया जा रहा है कि उसने दोनों भारतीयों को मध्य-पूर्व मूल का समझ कर हमला किया. लेकिन पुलिस फ़िलहाल इस पर कुछ नहीं कह रही है.
स्थानीय पुलिस और एफ़बीआई का कहना है कि वो हरेक पहलू की जांच कर रहे हैं लेकिन फ़िलहाल यह नहीं कह सकते कि ये नस्लवादी हमले का मामला है.

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पुलिस के मुताबिक़ दोनों भारतीयों में से एक, 32 साल के श्रीनिवास कुचीवोतला की अस्पताल में मौत हो गई. वहीं हमले में घायल 32 साल के आलोक मदासानी और 24 साल के इएन ग्रिलॉट की स्थिति स्थिर है.
कुचीवोतला और मदासानी दोनों ही कैंसस के ओलेथ शहर में जीपीएस बनाने वाली कंपनी गारमिन में इंजीनियर थे. उन्होंने भारत में पढ़ाई की थी.
पुलिस के मुताबिक़ यह हमला कैंसस के ओलेथ शहर में बुधवार शाम ऑस्टिन बार ऐंड ग्रिल में हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमले में घायल इएन ग्रिलॉट इन दोनों युवकों के बचाव में खड़े हुए थे. हमलावर ने उनपर भी गोली मारकर घायल कर दिया.

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समाचार एजेंसियों के मुताबिक़ रेस्तरां के बारटेंडर ने बताया कि दोनों भारतीय युवक हफ़्ते में एक या दो बार उनके यहां आया करते थे.
गारमिन कंपनी ने एक शोकसंदेश जारी किया है. वहीं दोनों के लिए चंदा जुटाने की मुहिम भी शुरू हो गई है.
कुचीवोतला परिवार के लिए चंदा जुटाने के पन्ने पर लिखा गया है, "श्रीनी बेहद दयालु और सबका ध्यान रखने वाले इंसान थे. उनके मुंह से कभी भी किसी के ख़िलाफ़ कोई नफ़रत वाली बात नहीं सुनी गई. उनकी पत्नी सुनयना और उनका परिवार शोक में डूबे हैं और अथाह खर्च से जूझ रहे हैं."

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वहीं आलोक मदासानी की चिकित्सा पर होने वाले खर्च के लिए भी ऐसी ही मुहिम शुरू हुई है.
स्थानीय मीडिया के मुताबिक़ कथित हमलावर पुरिंटन ने अमरीकी नौसेना में काम किया था.
घटनास्थल से सत्तर मील दूर एक रेस्तरां में शराब पीते हुए उन्होंने कथित रूप से कहा कि उन्होंने दो मध्य-पूर्व मूल के लोगों को गोली मार दी है और उन्हें छिपने की जगह चाहिए.
पुलिस के मुताबिक़ शराबखाने के मालिक ने उन्हें इत्तिला दी और वहीं से पुरिंटन को गिरफ़्तार किया गया.

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भारतीय इंजीनियरों के बचाव में खड़े हुए अमरीकी युवक इएन ग्रिलॉट ने अस्पताल के बिस्तर से ही स्थानीय मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें हीरो कह रहे हैं. लेकिन उन्होंने वही किया जो किसी भी इंसान को करना चाहिए.
उन्होंने बताया कि अस्पताल में ही उनकी मदासानी से मुलाक़ात भी हुई है.
इएन ग्रिलॉट का कहना था, "ये अपने आप में बहुत बड़ी बात थी. सोचिए ज़रा उसकी पत्नी पांच महीने से गर्भवती है. शायद कोई ताक़त हम दोनों पर अपना साया रख रही थी."












