अमरीका: भारतीय बुज़ुर्ग मामले में कार्यवाही शुरू

इमेज स्रोत,
- Author, सलीम रिज़वी
- पदनाम, न्यूयॉर्क से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
अमरीका में भारतीय नागरिक सुरेशभाई पटेल के साथ कथित पुलिस ज़्यादती के मामले में संघीय अदालत में पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्यवाही शुरू हो गई है.
अलाबामा प्रांत के मैडिसन शहर में सुरेशभाई से पूछताछ के दौरान ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने के लिए एरिक पार्कर नाम के पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.
संघीय क़ानून के तहत दोषी साबित होने पर पुलिस अधिकारी को 10 साल तक की सज़ा भी हो सकती है.
<bold><link type="page"><caption> भारतीय पर हमला: पुलिस अफ़सर ग़िरफ़्तार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/02/150213_us_cop_arrested_in_patel_case_pm" platform="highweb"/></link></bold>
बर्मिंघम शहर में यूएस एटर्नी जोएस वेंस ने संघीय क़ानून के तहत आरोपों का एलान करते हुए कहा, "पुलिसवालों को शपथ दिलाई जाती है कि वह क़ानून का पालन करेंगे और जनता की सुरक्षा करेंगे. जनता में पुलिस का विश्वास होना चाहिए. जो पुलिस वाले जनता की सुरक्षा करने की शपथ का उल्लंघन करेंगे औऱ ज़रूरत से अधिक बल प्रयोग करेंगे उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी."
आज़ादी का उल्लंघन

इमेज स्रोत,
अदालती दस्तावेज़ में कहा गया है कि पार्कर ने अमरीकी संविधान द्वारा हर व्यक्ति को ग़ैरवाजिब तलाशी और ज़ब्त किए जाने से बचाव के अधिकार का उल्लंघन किया, जिससे पीड़ित की आज़ादी का भी उल्लंघन हुआ.
अलाबामा का नस्ल और रंग के आधार पर भेदभाव का पुराना इतिहास है. और इस मामले को भी इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है.
यह मामला संघीय नागरिक अधिकारों के तहत दर्ज किया गया है.

इमेज स्रोत, Salim Rizvi
अदालती कार्यवाही शुरू होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि पार्कर को दोबारा गिरफ़्तार किया जा सकता है. फिलहाल वह ज़मानत पर हैं.
इससे पहले पार्कर को फ़रवरी में गिरफ़्तार किया गया था. मैडिसन पुलिस प्रमुख लैरी मंसी ने पार्कर को विभाग से हटाने की सिफ़ारिश की थी.
क्या था मामला
पिछले छह फ़रवरी को पुलिस ने सुरेशभाई पटेल को उस समय ज़ख़्मी कर दिया था जब वह अपने बेटे के घर के बाहर चहलक़दमी कर रहे थे.

इमेज स्रोत, Reuters
सुरेशभाई के बेटे चिराग पटेल जिस इलाक़े में रहते हैं वहां अधिकतर श्वेत लोग रहते हैं. उनके किसी पड़ोसी ने ही सुरेशभाई को फ़ुटपाथ पर चहलक़दमी करते देखा और फ़ोन कर पुलिस बुलाई थी.
घटना में सुरेशभाई गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गए और लकवे का शिकार हो गए.

इमेज स्रोत, AFP
संघीय अदालत में पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ अमरीकी सरकार द्वारा आरोप तय किए जाने से पटेल परिवार ख़ुश है.
सुनवाई
परिवार के वकील ने हैंक शैरॉड कहते हैं , "हमें बहुत ख़ुशी है कि अमरीकी सरकार ने पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. हमें ऐसी ही उम्मीद थी."

इमेज स्रोत, Reuters
इस सिलसिले में अमरीकी जांच एजेंसी एफ़बीआई ने सुरेशभाई पटेल से भी बयान लिया था.
अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही अलाबामा के बर्मिंघम शहर में संघीय अदालत में अगली सुनवाई होगी.
इसके अलावा अलाबामा राज्य की अदालत में भी पार्कर के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया है और अप्रैल में अगली पेशी है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












