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शुक्रवार, 22 मई, 2009 को 23:10 GMT तक के समाचार
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'उम्मीद है डीएमके पुनर्विचार करेगी'
मनमोहन सिंह, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य
मनमोहन सिंह और 19 मंत्रियों ने शपथ ली लेकिन इनमें डीएमके का कोई मंत्री नहीं था

पाँच साल में दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले मनमोहन सिंह ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि डीएमके स्थिति समझेगी और कुछ ही दिन में अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करेगी.

शुक्रवार शाम मनमोहन सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के 19 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली.

समाचार एजेंसियों के अनुसार राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में डीएमके पर टिप्पणी की थी.

 हमें उम्मीद है कि वे (डीएमके) स्थिति को समझेंगे. हमने डीएमके के सामने जो पेशकश रखी थी वह उचित थी. वे हमारे सम्मानित सहयोगी है. हमें अब भी उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में वे अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करेंगे
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

उनका कहना था, "हमें उम्मीद है कि वे (डीएमके) स्थिति को समझेंगे. हमने डीएमके के सामने जो पेशकश रखी थी वह उचित थी. वे हमारे सम्मानित सहयोगी है. हमें अब भी उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में वे अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करेंगे."

डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों में तब खटास आई जब मंत्रालय के बँटवारे के मामले में दोनों दलों के बीच गुरुवार को मतभेद सामने आए.

डीएमके ने घोषणा की थी कि वह यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन देगी.

शपथ ग्रहण के बाद पिछले मंत्रिमंडल में मंत्री रहे टीआई बालू के बारे में आपत्ति के मामले पर पूछे जाने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पत्रकारों से कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि वे (डीएमके) चर्चा के बाद वापस आएँगे....वे (टीआर बालू) हमारे आदरणीय सहयोगी है. आपत्ति होने का सवाल ही पैदा नहीं होता."

 मैं उम्मीद करता हूँ कि वे (डीएमके) चर्चा के बाद वापस आएँगे....वे (टीआर बालू) हमारे आदरणीय सहयोगी है. आपत्ति होने का सवाल ही पैदा नहीं होता
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

'अर्थव्यवस्था है प्राथमिकता'

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि वे नहीं मानते कि उनके पिछले मंत्रिमंडल में किसी भी मंत्री का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा.

उन्होंने ये भी कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अर्थव्यवस्था की हालत सुधारना होगी क्योंकि वह वैश्विक वित्तीय मंदी की मार झेल रही है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का ये भी कहना था कि आधारभूत ढांचे के विकास के लिए कदम उठाना उनकी प्राथमिकता होगी.

इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि वे औद्योगिक विकास और ऐसे आर्थिक विकास को प्राथमिकता देंगे जिसमें समाज के हर वर्ग विशेष तौर पर ग़रीब वर्ग की भागीदारी हो.

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