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सरकार बनाने को तैयार मनमोहन सिंह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोकसभा चुनावों के परिणामों के आने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए गठबंधन सरकार बनाने को तैयार है जबकि बीजेपी नेतृत्व वाले राजग गठबंधन को विपक्ष से ही संतोष करना पड़ा है. देर रात तक आए परिणामों के अनुसार कांग्रेस को अकेले 204 सीटें मिली हैं जबकि उसके सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस को 19, द्रमुक को 18 और एनसीपी को 9 सीटें मिली हैं. इसके अलावा कुछ और छोटे सहयोगी दलों की सीटें मिलाकर कांग्रेस गठबंधन को कुल 260 सीटें मिली हैं. इसका अर्थ यह हुआ कि कांग्रेस को बहुमत के लिए मात्र 12 सीटों की ज़रुरत है. अगर इसमें राष्ट्रीय जनता दल की चार सीटें और समाजवादी पार्टी की 22 सीटें जोड़ दी जाए तो उसे आसानी से बहुमत मिल रहा है. पार्टी ने स्पष्ट जनादेश को देखते हुए रविवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई है जिसमें जनता का धन्यवाद किया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि मनमोहन सिंह ही देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को 116 सीटें मिली हैं जबकि उसके सहयोगी दल जनता दल यू को 20,शिवसेना को 11, शिरोमणि अकाली दल को चार, राष्ट्रीय लोकदल को चार और असम गणपरिषद को एक सीट मिली है. भारतीय जनता पार्टी ने परिणामों के आने के बाद हार स्वीकार की है और कांग्रेस पार्टी को बधाई दी है. पार्टी प्रवक्ता अरुण जेटली ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लालकृष्ण आडवाणी ने विपक्ष के नेता का पद छोड़ने की मंशा ज़ाहिर की है. लेकिन पार्टी ने इसे मंज़ूरी नहीं दी है. तीसरे मोर्चे को सबसे अधिक नुकसान हुआ है जहां वाम मोर्चे को मात्र 24 सीटों से संतोष करना पड़ा है. इसके अलावा अन्नाद्रमुक को 9,एमडीएमके को 1, तेलुगु देशम को छह, बीजू जनता दल को 14 और जनता दल एस को चार सीटों से संतोष करना पड़ा है. कौन जीता कौन हारा जिन उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, उनमें प्रमुख हैं- रायबरेली से कांग्रेस की सोनिया गांधी, आँवला से भाजपा की मेनका गांधी, पटना साहिब से भाजपा उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा, विदिशा से भाजपा नेता सुषमा स्वराज, छिंदवाड़ा से कांग्रेस नेता कमलनाथ, अमृतसर से भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू, श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ़्रेंस के फ़ारूख़ अब्दुल्लाह, अजमेर से कांग्रेस के सचिन पायलट, मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से कांग्रेस की प्रिया दत्त. रामपुर सीट से समाजवादी पार्टी की जयाप्रदा चुनाव जीत गई हैं. प्रजाराज्यम पार्टी के प्रमुख अभिनेता चिरंजीवी तिरुपति से चुनाव जीते हैं. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सिंहभूमि से जीत गए हैं. वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़े थे. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा भी हासन से चुनाव जीत गए हैं.
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अज़हरुद्दीन मुरादाबाद से जीत गए हैं. कोलकाता दक्षिण से तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी भी जीत गई हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह दार्जिलिंग से चुनाव जीत गए हैं. भागलपुर से भाजपा के सैयद शाहनवाज़ हुसैन जीत गए हैं. हिमाचल प्रदेश की मंडी संसदीय सीट से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह चुनाव जीत गए हैं. तिरुअनंतपुरम से कांग्रेस के शशि थरूर ने जीत हासिल की है. ग्वालियर से भाजपा की यशोधरा राजे सिंधिया जीत गई हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एटा से चुनाव जीत गए हैं. वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे. समाजवादी पार्टी उनका समर्थन कर रही थी. राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह बागपत से जीत गए हैं. लखनऊ से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लालजी टंडन विजयी हुए हैं. तो भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ग़ाज़ियाबाद से चुनाव जीत गए हैं. कई दिग्गजों को इस चुनाव में भारी झटका लगा है. वर्षों से हाजीपुर की सीट से चुनाव जीत रहे लोकजनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान हार गए हैं. यहाँ से जनता दल (यूनाइटेड) के रामसुंदर दास विजयी हुए हैं. लालू प्रसाद भी पाटलिपुत्र सीट से हार गए हैं. उन्हें जनता दल (यूनाइटेड) के रंजन यादव ने हराया. हालांकि लालू प्रसाद सारन सीट से चुनाव जीत गए हैं. सारन में उन्होंने बीजेपी के राजीव प्रताप रुढ़ी को हराया है. एक और केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी खम्मम से हार गई हैं. बाड़मेर से भाजपा के मानवेंद्र सिंह चुनाव हार गए हैं. 'काम का इनाम' प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यूपीए की जीत पर देश की जनता को धन्यवाद दिया है और कहा है कि ये सरकार के अच्छे काम का ईनाम है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत के लोगों ने बड़ी बुलंदी से अपनी बात कही है. सांप्रदायिक घृणा से मुक्त प्रशासन या सरकार के लिए उन्होंने मत दिया है." मनमोहन सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को मंत्रिमंडल का सदस्य बनने के लिए कहेंगे. दूसरी ओर सुल्तानपुर में संवाददाताओं से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनका काम संगठन को मज़बूत बनाना है. उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश देश का सबसे अगली पंक्ति का राज्य रहा है और इसे फिर से पहले स्थान पर लाना है. 20-21 सीटों की जीत राज्य में पार्टी के फिर से खड़े होने की शुरुआत भर है. यह सिलसिला अब और आगे बढ़ेगा." राहुल ने कहा कि वे जीतें या हारें, इससे उन्हें फ़र्क नहीं पड़ता. उनका काम संगठन को मज़बूत करना है और वे इस काम को ऐसे ही करते रहेंगे. |
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