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यूपीए सरकार का आख़िरी सत्र शुरु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में वर्तमान यूपीए सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है और चुनाव की ओर बढ़ते देश की संसद का आख़िरी सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है. सबसे बड़े लोकतंत्र कहे जाने वाले भारत के दरवाज़े पर चुनाव की दस्तक का असर अभी से इस अंतिम संसद सत्र में दिखाई देने की संभावना है. इस सत्र में जहाँ यूपीए सरकार अपनी सफलताओं और आगामी कार्यक्रमों को सामने लाने की अहम कोशिश करेगी वहीँ विपक्ष ज़्यादा आक्रामक होकर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा. ज़ाहिर है, राजनीतिक दलों की नज़र अब मतदाताओं की ओर है. अगले कुछ हफ़्तों में चुनाव की लड़ाई का मैदान खुल जाएगा इसलिए राजनीतिक दल अपने को सत्र में ज़्यादा सही और बेहतर साबित करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे. गुरुवार को राष्ट्रपति के भाषण से इस सत्र की शुरुआत हुई है और इसके बाद आने वाले दिनों में रेल बजट और आम बजट के साथ इसका समापन होना है. सत्र के समापन में सरकार की ओर से अंतरिम रेल बजट और अंतरिम आम बजट पेश किया जाएगा. अगले कुछ महीनों के खर्च के लिए तैयार किए गए इन अंतरिम बजटों पर मतदान होगा. मुद्दे, जो चर्चा में होंगे पर सत्र के दौरान आतंकवाद, महंगाई, बेरोज़गारी, आर्थिक विकास, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर गरमाहट देखने को मिलेगी. जानकार मानते हैं कि इन मुद्दों पर सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष निशाना साधते नज़र आएंगे. ग़ौरतलब है कि इस अंतिम सत्र की शुरुआत से पहले ही प्रमुख विपक्षी पार्टी यानी भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अयोध्या में विवादित स्थल पर राममंदिर निर्माण की प्रतिबद्धता जाहिर करके इस सत्र की राजनीतिक गर्माहट को पहले से ही और हवा दे दी है. उधर भाजपा के नेताओं और केंद्र सरकार के बीच मुंबई के चरमपंथी हमलों को लेकर भी बयानबाज़ी तीखी होती जा रही है. इसका असर भी सत्र में दिखाई देगा. झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने का प्रकरण और इस सप्ताह कुछ विधानसभाओं में विधायकों के अमर्यादित रवैये पर भी दल एक दूसरे पर निशाना साधते नज़र आ सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मुद्दों के द्वंद्व से जूझ रही है भाजपा10 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'सीबीआई केंद्र के इशारे पर चल रही है'10 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'श्रीराम सेना देश के लिए ख़तरा'09 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस भाजपा विभाजन पैदा कर रही है: सोनिया08 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'सत्ता मिली तो अफ़ज़ल को फाँसी'08 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस भाजपा ने फिर राम का मुद्दा उछाला07 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'चावला के मुद्दे पर अदालत जाए भाजपा'04 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'मोदी के बयान से पाकिस्तान को मदद'25 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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