'अमिताभ जी, अब देखिए...बदबू गुजरात की'

तेरह सितंबर को गुजरात के दलित अमिताभ बच्चन को पोस्टकार्ड लिखेंगे.
गुजरात के कलोल में आयोजित होने वाले एक सभा में दलित, उना दलित अत्याचार संघर्ष समिति के बैनर तले अमिताभ को लिखेंगे- ''मोदी जी के कहने पर आपने खुशबू गुजरात की देखी. अब हमने मृत पशुओं की खाल निकालने का काम छोड़ दिया है. इसलिए कुछ दिन तो गुजारिए गुजरात में और देखिए बदबू गुजरात की.''

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दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने ये जानकारी फ़ेसबुक पर पोस्ट की है और जनसभा बुलाई है.
गुजरात पर्यटन के ब्रांड एम्बैसेडर के तौर पर विज्ञापनों में अमिताभ बच्चन की ये लाइन ख़ासी चर्चा में रही थी- '.....कुछ दिन तो गुज़ारिए गुजरात में.'
जुलाई में गुजरात के उना में जानवर की खाल निकालते दलितों की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद कई हफ़्ते तक दलितों के संगठनों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए थे.
इस मामले में निलंबित चार पुलिसवालों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. इसके अवाला लगभग 30 अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ़्तार किया गया था.

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जिग्नेश मेवाणी ने 15 अगस्त की रैली में 10 हज़ार से ज्यादा लोगों को शपथ दिलाई थी कि वो 'अब मृत पशु की खाल नहीं निकालेंगे और गटर में उतरकर सफाई नहीं करेंगे.''

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स्थानीय संवाददाता अंकुर जैन ने बीबीसी को बताया ''15 अगस्त को दलितों के महासम्मेलन में मेवाणी ने मांग की थी इन दलितों को तीस दिन के भीतर पांच-पांच एकड़ जमीन और वैकल्पिक रोज़गार दी जाए, नहीं तो रेल रोको और जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा.''
आने वाली 15 तारीख़ को यह समयसीमा ख़त्म हो रही है.
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