सरकारी विज्ञापन में पाकिस्तानी लड़ाकू विमान

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<link type="page"><caption> हिंदुस्तान टाइम्स</caption><url href="http://www.hindustantimes.com/india-news/culture-ministry-video-features-pakistan-s-jf-17-jets/story-LnWQfOze4EbL2Ne5swuS0N.html" platform="highweb"/></link> की एक ख़बर के मुताबिक़ संस्कृति मंत्रालय के एक विज्ञापन में पाकिस्तानी जेट विमान दिखाया गया.
सोशल मीडिया पर जब लोगों ने इस पर चर्चा शुरू की तो संस्कृति मंत्रालय को शर्मिन्दा होना पड़ा.
शुक्रवार को संस्कृति मंत्रालय के 1.40 मिनट लंबे वीडियो के एनिमेटेड हिस्से में पाकिस्तान के जेएफ़-17 थंडर कॉम्बैट जेट को दिखाया गया जिसके साथ भारत का तिरंगा झंडा भी दिख रहा था.
इस वीडियो को सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर गुरुवार को डाला गया था. चर्चा होने के बाद इसे हटा लिया गया.
ये विमान भारत के लड़ाकू विमान तेजस जैसा दिखता है. मंत्रालय की तरफ़ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

<link type="page"><caption> द हिंदू </caption><url href="http://www.thehindu.com/news/national/lpg-subsidy-savings-largely-due-to-falling-oil-prices-cag/article8982256.ece?homepage=true" platform="highweb"/></link>ने लिखा है कि महालेखा परीक्षक ने एलपीजी सब्सिडी पर सरकार के दावे में झूठ पकड़ा है.
ख़बर के मुताबिक़ कैग ने कम सिलेंडरों की खपत से होने वाली 1,764 करोड़ रुपए की बचत को वास्तविक आंकड़ों के मुताबिक़ बताया है जबकि सरकार ने सिर्फ अनुमान के आधार पर आंकड़े पेश किए.

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<link type="page"><caption> द हिंदू </caption><url href="http://www.thehindu.com/news/national/cji-slams-centre-over-recommendations-of-collegium-on-judges/article8979565.ece?homepage=true" platform="highweb"/></link>ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति में अडंगा लगाने के लिए केंद्र सरकार को लताड़ लगाई है.
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से अदालत में कहा ,''केंद्र ज्यूडिशियरी की गति रोकने की कोशिश न करे. ये ठीक नहीं है.''
<link type="page"><caption> टाइम्स ऑफ़ इंडिया</caption><url href="http://timesofindia.indiatimes.com/india/CJI-lashes-out-at-government-for-stalling-appointment-of-HC-judges/articleshow/53678287.cms" platform="highweb"/></link> केंद्रीय क़ानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए 250 नामों को मंज़ूर दे दी गई है.
मुख्य न्यायाधीश ने अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा , ''हाईकोर्ट में 478 जजों की नियुक्तियां होनी हैं जो कि जजों की कुल संख्या का 44.3 फ़ीसदी है. हाईकोर्टों के पास 40 लाख मामले लंबित हैं. सारी प्रणाली ठप हो गई है. जब तक अपील सुनी जाएगी तब तक हो सकता है अभियुक्त ने आजीवन कारावास भुगत लिया हो.''

<link type="page"><caption> हिंदुस्तान टाइम्स</caption><url href="http://www.hindustantimes.com/india-news/unable-to-find-india-s-poorest-man-pmo-returns-rs-1-lakh-to-rajasthan-donor/story-puEk3P2qJODTB8vXXlIFDK.html" platform="highweb"/></link> ने लिखा है कि केंद्र सरकार देश का सबसे ग़रीब व्यक्ति नहीं ढूंढ पाई और उसके लिए दिया गया एक लाख रुपए का चेक लौटा दिया गया है.
राजस्थान के रिटायर्ड स्कूल टीचर ने पिछले साल एक चेक दान किया था जिसे सबसे ग़रीब भारतीय को दिया जाना था लेकिन सरकार ने ये चेक लौटा दिया है.

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<link type="page"><caption> इंडियन एक्सप्रेस </caption><url href="http://indianexpress.com/article/india/india-news-india/hiranandani-kidney-racket-homeless-labourer-helped-blow-lid-on-2-kidney-rackets-2971947/" platform="highweb"/></link>ने लिखा है कि एक बेघर मज़दूर ने दो किडनी रैकेट का भंडाफोड़ करने में मदद की.
पोवई के मशहूर एलएच हीरानंदानी अस्पताल में किडनी रैकेट को सामने लाने के लिए डोनर सुंदर सिंह और पुलिस को जोड़ने वाले शख़्स ने 2007 में भी ऐसे ही एक रैकेट को सामने लाने में मदद की थी.
डोनर और पुलिस को जोड़ने वाले आबिद शेख़ ने अब भी एक फूड स्टॉल पर काम करते हैं और एक वैन में सोते हैं.
उन्होंने बताया कि 2000 में वो मुंबई आए और 2007 में दीपक जायसवाल नाम के शख्स ने उन्हें बताया कि मोटी रकम के बदले में उन्होंने अपनी किडनी दे दी. जिसके बाद मुंबई के दो निजी अस्पताल और चेन्नई के डॉक्टरों का रैकेट सामने आया था.
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