तमिलनाडु: 200 दलितों की मुसलमान बनने की धमकी

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- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
तमिलनाडु के तटवर्ती ज़िले नागापट्टिनम में कुछ दलितों के धर्मांतरण को लेकर विरोधाभासी ख़बरें सामने आ रही हैं.
तमिलानाडु के एक मुस्लिम संगठन ने छह दलितों के मुसलमान बनने का दावा किया है वहीं राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रवक्ता ने इसका खंडन किया है.
मुस्लिम संगठन तमिलनाडु तौहीद जमात (टीएनटीजे) ने तो यहां तक दावा किया है कि 200 अन्य दलितों ने मुसलमान बनने की धमकी दी है.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ इन दलितों को कथित तौर पर एक मंदिर के उत्सव में भाग नहीं लेने दिया गया, जिसके बाद उन्होंने धर्मांतरण की धमकी दी है.
टीएनटीजे के अनुसार जिन दलितों ने इस्लाम क़बूल किया है उन्होंने "ऐसा इस्लाम के सिद्धांतों के बारे में पढ़ लेने के बाद ही किया है.''
लेकिन हिन्दू मक्काल काची नाम के संगठन का दावा है कि कोई धर्मांतरण नहीं हुआ है, बल्कि सिर्फ़ धमकी दी गई है.
उधर, दलितों की ओर से इसी तरह की धमकी करूर ज़िले के एक गांव से भी मिली है.

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तमिलनाडु में आरएसएस के प्रवक्ता एन सदागोपन ने बीबीसी को बताया, ''कोई धर्मांतरण नहीं हुआ है. वीसीके (दलितों का राजनीतिक दल) के कुछ सदस्यों ने दलितों से संपर्क किया था. एक महीने तक उन्हें इस्लाम के बारे में बताने के लिए कक्षा का आयोजन हुआ. लेकिन इसमें कोई शामिल नहीं हुआ.''
ये मामला नागापट्टिनम ज़िले के पझांगकल्लिमेदु कालियाम्मन मंदिर में पांच दिन पहले होने वाले उत्सव से जुड़ा है.
आरएसएस के सदागोपन ने कहा, ''तमिलनाडु में परंपरा है कि हर जाति के लोग एक दिन के लिए उत्सव का आयोजन करते हैं. चार साल पहले अनुसूचित जाति ने उत्सव का आयोजन किया था. ये विवाद दो तीन जातियों के बीच है. और सरकार इस बारे में कुछ भी नहीं कर रही है.''
लेकिन टीएनटीजे के प्रमुख अब्दुल रहमान कहते हैं, ''उन्होंने हमसे संपर्क किया था और हमने उनसे कहा कि कोई भी काम ग़ुस्से में करना अच्छा नहीं होता. हमने उनसे कहा कि धर्मांतरण से पहले वो इस्लाम के सिद्धांतों को समझें. इसके बाद उनमें से छह लोग आए और कहा कि हमने इस्लाम के बारे में पढ़ और समझ लिया है. फिर उन्होंने धर्मांतरण कर लिया.''
हिन्दू मक्काल काची के रवि कुमार ने कहा, ''मैंने रमानी और उन सभी लोगों से व्यक्तिगत तौर पर बात की है जिनके धर्मांतरण की बात की जा रही है. लेकिन उन्होंने बताया कि उन्होंने धर्मांतरण की सिर्फ़ धमकी दी है, उन्होंने इस्लाम अभी अपनाया नहीं है.''
जिन लोगों पर धर्मांतरण के आरोप लगे हैं उनमें से कोई भी अपना पक्ष रखने के लिए नहीं मिल पाया.
तमिलनाडु में आख़िरी बार धर्मांतरण 1980 के दशक में हुआ था. तब थिरूनेलवली के मीनाक्षीपुरम गांव में क़रीब 800 दलितों ने धर्मांतरण कर इस्लाम धर्म अपना लिया था.
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