सिख दंगे: केजरीवाल के मोदी के नाम ख़त के विज्ञापन

इमेज स्रोत, AFP
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों पर केंद्र सरकार के विशेष जांच दल (एसआईटी) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ख़ुला ख़त लिखा है.
दिलचस्प ये है कि ख़त दिल्ली के कई अख़बारों में पूरे पन्ने के विज्ञापन की शक्ल में है और इसका शीर्षक है '1984 के सिख नरसंहार की जांच के लिए बनी केंद्र की एसआईटी एक ढकोसला है.'
यही नहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि दूसरी बार उनकी सरकार बनने के दो दिन बाद ही केंद्र ने एसआईटी बनाई थी जिसने 12 अगस्त, 2015 तक अपनी रिपोर्ट देनी थी लेकिन उसने अब तक दंगा पीड़ितों के एक भी मामले में दोबारा जांच शुरू नहीं की है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चाहे 1984 दंगा पीड़ितों का मसला दिल्ली का है, लेकिन फरवरी 2017 में पंजाब में चुनाव होने हैं और इस समय, इस तरह के विज्ञापन से केजरीवाल पंजाब के सिखों को भी राजनीतिक संदेश भेज रहे हैं.
केजरीवाल ने लिखा है कि सिख विरोधी दंगों का यह 32वां साल है. इन 32 सालों में अब तक 10 आयोग और समितियों ने इसकी जांच की है. लेकिन लोगों को न्याय नहीं मिला है.

इमेज स्रोत, Other
उनका आरोप है, "एसआईटी किसी एक मामले को भी खोल नहीं पाई है...अब लोगों के दिमाग में एक बात घर कर रही है कि यह एसआईटी एक ढकोसला है. आपने दिल्ली में हमारी जीत के ठीक दो दिन बाद हमारी ओर से एक प्रभावशाली एसआईटी का गठन करने से रोकने के लिए एक प्रभावहीन एसआईटी का गठन कर दिया."
केजरीवाल ने इस ख़त में लिखा है,''सीबीआई और दिल्ली पुलिस, दोनों जांच एजंसियां केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में काम करती हैं. इन सभी मामलों की फ़ाइलें इन एजेंसियों के पास हैं और दिल्ली सरकार के पास एक फ़ाइल भी नहीं है.''

इमेज स्रोत, AFP
उन्होंने आगे लिखा है, ''मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि या तो आप अपनी एसआईटी को कुछ करने दें या कृपया इस एसआईटी को बंद कर दिल्ली सरकार को एसआईटी बनाने की इजाजत दें, जो कि अच्छे से जांच कर पीड़ितों को न्याय दिला सके.''
केजरीवाल का कहना है कि सिख समुदाय लंबे समय से मांग कर रहा है कि जांच के लिए स्पेशल जांच टीम बनाई जाए. लेकिन पिछले 30 सालों में किसी सरकार ने इस पर कुछ नहीं किया है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












