'समलैंगिकों को सज़ा नहीं इलाज की ज़रूरत है'

दत्तात्रेय होसाबले

इमेज स्रोत, PTI

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संयुक्त महासचिव दत्तात्रेय होसबाले का मानना है कि "जब तक समाज के दूसरे लोगों की ज़िंदगी प्रभावित नहीं होती, मैं नहीं समझता कि समलैंगिकता को अपराध माना जाना चाहिए."

गुरुवार को उन्होंने इंडिया टुडे कॉनक्लेव में एक सवाल के जवाब में कहा, "यौन पसंद निजी और व्यक्तिगत होते हैं. इस पर आरएसएस को सार्वजनिक रूप से अपनी बात क्यों कहनी चाहिए? आरएसएस की इस पर कोई राय नहीं है. लोग इस पर ख़ुद फ़ैसला करें. आरएसएस में सेक्स पर कोई बात नहीं होती है और हम इस पर कोई बात करना भी नहीं चाहते."

आरएसएस

इमेज स्रोत, Reuters

लेकिन अगले ही दिन शुक्रवार को उन्होंने इस मुद्दे पर सफ़ाई दी.

होसबाले ने शुक्रवार को कहा, "समलैंगिकता अपराध नहीं है पर यह हमारे समाज में अनैतिक है. इससे जुड़े लोगों को दंड देने की ज़रूरत नहीं है. पर इसे मनोवैज्ञानिक मामला मानते हुए उनका इलाज किया जाना चाहिए."

भारतीय दंड संहिता की धारा-377 में समलैंगिकता को अप्राकृतिक माना गया है और इसके लिए अधिकतम 10 साल की क़ैद की सज़ा हो सकती है.

शशि थरूर, कांग्रेस सांसद

इमेज स्रोत, PIB

कांग्रेस सांसद और पूर्व केद्रीय मंत्री शशि थरूर ने इसमें संशोधन के लिए दो बार निजी विधेयक लोकसभा में पेश किया, पर वह पारित नहीं हो सका.

भारतीय जनता पार्टी के सुब्रमण्यम स्वामी ने इसके पहले नवंबर 2015 में कहा था कि समलैंगिकता एक जेनेटिक दोष है. यह पूछे जाने पर कि इसका निदान क्या है, उन्होंने कहा कि स्टेम सेल से इसे ठीक किया जा सकता है.

सुब्रमण्यम स्वामी

इमेज स्रोत, PTI

इसी तरह योग गुरु रामदेव के मुताबिक़ समलैंगिकता ग़लत यौन पसंद है और इसे योग के ज़रिए ठीक किया जा सकता है.

उन्होंने कहा, "समलैंगिकता का उपचार योग से किया जा सकता है. इससे किसी आदमी को प्राकृतिक यौन व्यवहार की ओर मोड़ा जा सकता है."

इसी तरह विश्व हिंदू परिषद के आचार्य धर्मेंद्र ने कहा था कि समलैंगिकता यौन विकृति है, एक बीमारी है और इससे जुड़े लोगों का इलाज किया जाना चाहिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> क्लिक कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)