जेएनयू के हक़ में कार्यक्रम में हंगामा

मुजफ्फरपुर में कन्हैया का विरोध

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बिहार के मुज़फ्फ़रपुर शहर में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के समर्थन और दूसरे मुद्दों पर हुए एक कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ.

इसमें क़रीब दर्जन भर लोगों के घायल होने की भी ख़बरें हैं.

मुज़फ्फ़रपुर के ज़िला मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह ने वारदात की पुष्टि करते हुए बीबीसी से कहा, "प्रशासन ने घटना के संबंध में एफ़आईआर दर्ज कर ली है. साथ ही प्रशासन क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहतियात भी बरत रहा है."

रविवार को मुज़फ़्फ़रपुर शहर में मौजूद नगर निगम के आम्रपाली ऑडिटोरियम में 'मैं जेएनयू बोल रहा हूँ' कार्यक्रम रखा गया था. यह कार्यक्रम 'नागरिक समाज' के बैनर तले हो रहा था.

कार्यक्रम में घायल हुए संजय प्रधान

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आयोजकों में एक शाहिद कमाल ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया, ''प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति क़रीब दो हफ़्ते पहले ही ले ली गई थी. रविवार सुबह जब हम ऑडिटोरियम पहुँचे, तो उसका दरवाज़ा बंद मिला. वहां कार्यक्रम की अनुमति रद्द करने की सूचना चिपकी हुई थी.''

शाहिद कमाल ने बताया, "ऐसे में हमने ऑडिटोरियम के बाहर कार्यक्रम करना तय किया. भारतीय जनता युवा मोर्चा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम का विरोध किया.''

आयोजकों के मुताबिक़ इस दौरान भाजयुमो और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पथराव भी किया, जिसमें दो लोगों को सिर पर गंभीर चोटें लगीं. इसके अलावा दस अन्य लोग घायल हो गए.

जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष जगदीश्वर चतुर्वेदी ने अपने फ़ेसबुक पन्ने पर इस बारे में लिखा है, "डीएम ने भाजपा के सासंद और विधायक के दबाव में मीटिंग करने के लिए दी गई अनुमति रद्द कर दी. तक़रीबन 20 युवा नारे लगाते हुए हाथ में लाठियां लिए हॉल में घुस आए. इन्होंने विघ्न डालने की कोशिश की लेकिन सभा जारी रही. पुलिस मूकदर्शक बनी सब कुछ देखती रही."

उन्होंने इसके आगे जोड़ा, "कविता कृष्णन बोलने लगीं तो लोगों ने पत्थरों की बरसात कर दी, जिसमें कई लोग घायल हुए. नारेबाज़ी जारी रही. मैं बोलने खड़ा हुआ तो एक मिनट बाद एसपी ए कुमार ने आकर माइक छीन लिया."

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दूसरी ओर, भाजयुमो के ज़िला महामंत्री रवि रंजन शुक्ला ने पथराव की बात से इनकार किया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजकों ने ही भाजयुमो और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमले किए. इस हमले में क़रीब आधा दर्जन कार्यकर्ता ज़ख़्मी हो गए.

शुक्ला ने यह भी कहा कि वे इसके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराएंगे.

उन्होंने कार्यक्रम का विरोध करने की वजह बताई, ''शहर में अगर राष्ट्रविरोधी तत्वों के समर्थन में कार्यक्रम होता, तो मुज़फ्फ़रपुर की धरती कलंकित हो जाती. ऐसे में हम राष्ट्रवादियों ने मुज़फ़्फ़रपुर को कलंकित होने से बचाने के लिए यह विरोध किया.''

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शाहिद कमाल ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्यक्रमस्थल पर पहले से थी पर उसने शुरू में ही हिंसक विरोध करने वालों को रोकने की कोशिश नहीं की.

कार्यक्रम में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष आशुतोष कुमार और जेएनयू के प्रोफ़ेसर सुबोध नारायण मालाकार शामिल थे.

आयोजकों का कहना था कि इस कार्यक्रम का मक़सद कन्हैया और जेएनयू के बारे में फैला हुआ भ्रम दूर करना था.

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