'बहू ईरानी से संतुष्ट नहीं होंगी सास माया'

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बीबीसी हिंदी ने अपने फ़ेसबुक पन्ने पर संसद में शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी के सिर काटकर मायावती के चरणों में रखने वाले बयान और उस पर मायावती के जवाब पर अपने पाठकों की प्रतिक्रियाएं मांगी थीं.
चुनिंदा प्रतिक्रियाएं यहां पेश हैं
ओबैद राजा लिखते हैं, "मोदी ने 60 दिन में काला धन वापस लाने का वादा किया था. जेटली ने केजरीवाल की 6 सीटें भी आने पर राजनीति छोड़ने का दावा किया था. अब स्मृति ईरानी ने कहा है कि अगर आप मेरे तर्कों से सहमत नहीं हुईं तो मैं अपना सिर काट कर आपके चरणों में चढ़ा दूंगी. मुझे तो सारे के सारे भाजपाई नौटंकीबाज़ लगते हैं."

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आरिफ़ राज लिखते हैं, "स्मृति ईरानी को झूठ बोलने से पहले समझ लेना था कि वो जहां पर अभिनय कर रहीं थीं वहां से देश चलता है."
नवीन सिंह कहते हैं, "अब हर मरने वाले की जाति देखी जाएगी. अगर दलित निकल गया तो दलित अल्पसंख्यक के नाम पर वोट बैंक बनाने की होड़ लगेगी."
भरत दत्ता लिखते हैं, "आप कितनी ही ईमानदारी से काम करें, असंतुष्ट व्यक्ति संतुष्ट नहीं हो सकता."
संतोष कुमार यादव मानते हैं, "स्मृति एक्शन में तो आईं पर डायलॉग झूठ का पुलिंदा निकला."

अयूब वाघेला ने लिखा, "अगर स्मृति ईरानी ने सच में दिल से कहा हो तो अपना वादा निभाना चाहिए वरना पब्लिक बीजेपी से वादा निभाने की उम्मीद नहीं रखती, क्योंकि उनके वादे बाद में जुमले में तब्दील हो जाते हैं."
प्रदीप शर्मा लिखते हैं, "जो इंसान संतुष्ट होना ही नहीं चाहता उसको संतुष्ट करने के लिए बहस करना मूर्खता के सिवा कुछ भी नहीं."
अंकिता जैन कहती हैं, "ईरानी बहू हैं और मायवती सास और सासें कभी बहुओं के जवाब से संतुष्ट नहीं होतीं."
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