मशहूर पाकिस्तानी लेखक इंतज़ार हुसैन नहीं रहे

पाकिस्तान के जाने माने कहानीकार और उपन्यासकार इंतज़ार हुसैन का 93 बरस की उम्र में निधन हो गया है.
इंतज़ार हुसैन को पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि पूरे उर्दू साहित्य में मौजूदा दौर के अहम कहानीकारों में से एक माना जाता है.
उन्होंने मंगलवार को लाहौर में अंतिम सांस ली, जहां कई दिनों से एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था.
उन्हें निमोनिया और बुख़ार था. उनको बुधवार को सुपुर्दे ख़ाक किया जाएगा.
इंतज़ार हुसैन का जन्म भारत के ज़िले मेरठ में हुआ और विभाजन के समय उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था.
उनकी कहानियों का पहला संग्रह 'गली कूचे' 1953 में प्रकाशित हुआ था.
उनके आठ कहानी संग्रह, चार उपन्यास, आत्मकथा के दो भाग और एक लघु उपन्यास प्रकाशित हुआ. इसके अलावा उन्होंने कई अनुवाद किए और यात्रा संस्मरण भी लिखे.
उनके उर्दू कॉलम भी किताब की शक्ल में प्रकाशित हुए थे और वो अंग्रेजी में भी कॉलम लिखते थे. उनके एक उपन्यास और चार कहानी संग्रहों का अंग्रेजी में अनुवाद हुआ.
वो पहले पाकिस्तानी थे जो 2013 में अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज के लिए शॉर्टलिस्ट हुए.
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