'रोहित प्रकरण गंभीरता से लें या विद्रोह के लिए तैयार रहें'

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दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य संजय पासवान ने गंभीर चेतावनी जारी की है.
संजय पासवान ने 2014 के चुनावों में पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चे की कमान संभाली थी. हैदराबाद के छात्र रोहित की आत्महत्या के मामले में उन्होंने अपनी पार्टी का नाम लिए बिना, जैसे पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है.

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संजय पासवान ने ट्वीट किया, “सत्ता की राजनीति के भागीदारों को रोहित वेमुला प्रकरण को गंभीरता से लेना चाहिए या फिर विरोध, बदला, विद्रोह और प्रतिक्रियाओं के लिए तैयार रहना चाहिए.”
इसी प्रकरण से जुड़ी ताज़ा घटनाओं में समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कवि अशोक वाजपेयी ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी से उन्हें दी गई डीलिट की डिग्री लौटाने का फ़ैसला किया है.
जहाँ हैदराबाद, दिल्ली और मुंबई में छात्र ज़ोरशोर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह और कई अन्य नेताओं ने इस घटना की सख़्त शब्दों में निंदा की है.
केजरीवाल ने दलित छात्र की आत्महत्या के मामले को ‘लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समानता की हत्या’ करार दिया.

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केजरीवाल ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘यह आत्महत्या नहीं है. यह हत्या है. यह लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समानता की हत्या है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को मंत्रियों को निलंबित करना चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए.
केजरीवाल ने एक और ट्वीट में कहा, ‘‘दलितों का उत्थान मोदी सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है. इसके बावजूद मोदीजी के मंत्रियों ने पांच दलित छात्रों को बहिष्कृत व निष्कासित किया."
उधर, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, "यह तो शुरूआत भर है. कुलपतियों का चयन भाजपा आरएसएस द्वारा किया जा रहा है. शिक्षा के बजाय उनकी रूचि एबीवीपी को बढ़ावा देने में है. सभी छात्र शाखाओं को परिसर में सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए एक साथ आना चाहिए.

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दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि रोहित वेमुला की आत्महत्या दलितों के खिलाफ भाजपा की मानसिकता बयां करती है.
कांग्रेस प्रवक्ता कुमारी शैलजा ने कहा कि ईरानी और दत्तात्रेय दोनों को इस्तीफा देना चाहिए या प्रधानमंत्री को उन्हें बर्खास्त कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

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कुमारी शैलजा ने कहा कि जो दिखाई दे रहा है, बात उससे कहीं ज्यादा बड़ी है. प्रधानमंत्री को इस मामले पर बोलना चाहिए और मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
सोमवार को केंद्रीय मंत्री दत्तात्रेय ने उनके एचआरडी मंत्री को लिखे पत्र से पैदा हुए विवाद पर कहा था कि छात्र की आत्महत्या का इस पत्र से कोई संबंध नहीं है.
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