जलवायु परिवर्तन: मोदी के भाषण की 10 बातें

इमेज स्रोत, EPA
फ्रांस की राजधानी पेरिस में चल रहे जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित देशों को ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए.
इससे पहले उन्होंने अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की. इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच आपसी सौर ऊर्जा पर चर्चा हुई.
इस दौरान उन्होंने और भी कई अन्य विषयों पर बात की. दस अहम बातों पर एक नज़र.
- मोदी ने कहा कि, "हमें कार्बन का उत्सर्जन कम करना होगा, 2030 तक भारत की योजना 30-35 फीसदी कम कार्बन उत्सर्जन की है.
- पर्यावरण संतुलन पर भारत गंभीर है. इसके लिए ग्लोबल पार्टनरशिप ज़रूरी है.
- क्लीन एनर्जी के लिए प्रयास, भारत की जरूरत पूरी करनी है. 2022 तक 175GW एनर्जी का लक्ष्य है.
- ग्लेशियर्स तेजी से पिघल रहे हैं. यह बेहद चिंता की बात है.
- वैश्विक स्तर पर इस ओर फौरन कार्रवाई करने की कोशिश की जानी चाहिए.
- सम्मेलन का परिणाम हम सब के लिए बेहद अहम है. लिहाज़ा इस पर फौरन कार्रवाई करने की ज़रूरत है.
- प्रदूषण कम करने के लिए भारत 2030 तक 40 फीसदी बिजली गैर जीवाश्म ईंधन के जरिए पैदा करेगा.
- सभी देश आज एक साथ मिलकर एक नए संगठन की घोषणा कर रहे हैं. फ्रांस के प्रेसिडेंट और मैं इसे लांच कर रहा हूं. <image id="d5e365"/>
- दुनियाभर में प्रकृति की रक्षा करना, नवीकरणीय ऊर्जा, सोलर एनर्जी, दुनिया के सभी देश प्रकृति के अनुरूप चलने का काम कर रहे हैं.
- मैं ओबामा से लगातार मिलता रहता हूं, हमारे बीच सार्थक बातचीत होती रहती है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>








