मोदी के दौरे से पहले कश्मीर 'ठप'

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- Author, रियाज़ मसरूर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर की यात्रा से पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था ने जनजीवन को ठप कर दिया है.
मोदी शनिवार को श्रीनगर में जनता को संबोधित करने वाले हैं. तो दूसरी तरफ़, मोदी की रैली के विरोध में अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी ने एक रैली ''मिलियन मार्च''का अयोजन किया है.
गिलानी और अन्य अलगाववादी नेताओं को घर में नज़रबंद कर दिया गया है और सैंकड़ों लोगों को ''सुरक्षा के मद्देनज़र गिरफ्तार किया गया है.''
मीरवाईज़ उमर ने भी शुक्रवार को ''सद्भावना मार्च'' का आयोजन किया था. लेकिन अधिकारियों ने श्रीनगर में जगह-जगह पर कर्फ्यू लगा कर इस अयोजन के निरस्त कर दिया.
विपक्षी दलों ने सैंकड़ों लोगों की गिरफ्तारी का विरोघ किया है.

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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा ''मोदी को ख़ुश करने के लिए पूरे कश्मीर को जेल में डाल दिया.''
अब्दुल्ला की पार्टी जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता अली मुहम्मद सागर ने आरोप लगाया है कि मोदी की रैली सुनिश्चित करने के लिए क़रीब 800 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
दौरे से पहले होने वाली परीक्षाओं और नौकरी के लिए होनेवाली इंटरव्यू की तारीखें आगे कर दी गई हैं, क्षेत्रीय रेल सेवाएं रोक दी गई हैं.
सैय्यद अली शाह गिलानी ने शनिवार को ''शांतिपूर्ण रैली'' की पेशकश की है.

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उन्होंने एक वक्तव्य में कहा ''ये एक शांतिपूर्ण रैली होगी. किसी तरह की हिंसा नहीं होगी और रैली में लोगों को विवादास्पद स्लोगन बोलने नहीं दिया जाएगा. यदि कोई मोदी जी का रैली में भाग लेना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा.''
पत्रकार बशीर मंज़र का कहना है कि सरकार के लिए अलगाववादी नेताओं के साथ बात करने का एक अच्छा मौक़ा गंवा दिया है.
वे कहते हैं, ''गिलानी का प्रस्ताव गणतांत्रिक लगता है. उनके मार्च को तोड़ने के लिए गिरफ्तारी और रोक लगा कर सरकार ने जनतंत्र के अपने पक्ष पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं.''

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मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद के राजनीतिक सचिव वहीद पार्रा का कहना है ''कई चरमप्थियों ने गिलानी के आवाहन का समर्थन किया था, इसलिए सुरक्षा व्यव्स्था कड़ी करना ज़रूरी हो गया था.''
मुफ़्ती मुहम्मद सईद ने कहा, ''यह एक ऐतिहासिक दौरा होगा. मोदी के आने से यहां के लोगों के भाग्य बदल जाएंगे.''
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