योगी को दिया करारा जवाब हुआ वायरल

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- Author, दिलनवाज़ पाशा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारतीय मूल के एक अमरीकी नागरिक ने फ़ेसबुक पर शेयर किए वीडियो में भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को क़रारा जवाब दिया है.
पेशे से हीरो के व्यापारी अवि डांडिया ने सांसद योगी आदित्यनाथ की बालीवुड अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के बारे में टिप्पणियों पर अपनी राय रखी है.
फ़ेसबुक पर वायरल हुए उनके वीडियो को दसियों हज़ार बार शेयर किया जा चुका है. अब तक लाखों लोग <link type="page"><caption> उनके वीडियो</caption><url href="https://www.facebook.com/Ali.Sohrab/videos/564680497013277/?pnref=story" platform="highweb"/></link> देख चुके हैं.
अवि <link type="page"><caption> वीडियो </caption><url href="https://www.facebook.com/Ali.Sohrab/videos/564680497013277/?pnref=story" platform="highweb"/></link>में कहते हैं, "आदित्यनाथ जी आप शाहरुख को पाकिस्तान भेजने की बात कर रहे हैं. क्या आपको पता है कि उनकी वजह से कितने लोगों को रोज़गार मिलता है. पीएम अर्थव्यस्था और व्यापार की बात करते हैं. मैं कहता हूँ कि शाहरुख ख़ान जैसे लोग अपने आप में उद्योग हैं."

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अवि सवाल करते हैं, "आज आप शाहरुख़ को पाकिस्तान भेज रहे हैं. कल सलमान, आमिर, सैफ़ को जाने को कहोगे. लेकिन ये क्यों जाएं? देश हमारा है. सबका है."
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की है कि इससे पहले कि हालात नियंत्रण से बाहर हों, मोदी विवादित बयान देने अपने नेताओं पर क़ाबू करें.
डांडिया सोशल मीडिया पर #MohabbatkeDange ट्रेंड कराना चाहते हैं ताक़ि उनकी बात अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे.
बीबीसी से बात करते हुए डांडिया कहते हैं, "नफ़रत के दंगों का जवाब लोग प्यार के दंगों से देंगे. भारत के लोगों को आपस में इतना प्यार बांटना चाहिए कि नफ़रत की राजनीति वालों की दुकान ही बंद हो जाए."

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बीबीसी से बात करते हुए अवि कहते हैं, "भारत सरकार को अर्थव्यवस्था की चिंता है. अर्थव्यस्था दीवालिया हो जाए तो उसे वापस पटरी पर लाया जा सकता है. लेकिन अगर समाज दीवालिया हो जाए तो उसे सुधारने में बहुत वक़्त लगता है. भारत का समाज दीवालिया होने की दिशा में बढ़ रहा है."
उन्होंने ये वीडियो क्यों शेयर किए इस सवाल पर अवि कहते हैं, "मैं अमरीका में रहता हूँ. जब भारत के लोगों को धर्म के नाम पर लड़ते हुए या राजनीति का शिकार होते हुए देखता हूँ तो सोचता हूँ कि बेरोज़गारी, शिक्षा, किसान आत्महत्या जैसे मूल मुद्दे के बजाए सिर्फ़ सांप्रदायिकता पर ही बहस हो रही है. लोगों को इस बारे में ठहरकर सोचने और अपने मन की सुनने की ज़रूरत है."

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वे कहते हैं, "मैं अपने मन की बात कर रहा हूँ. जो मोहब्बत की बात है. लोगों को ये मोहब्बत की बात पसंद आ रही है."
अवि का कहना है कि वो सांप्रदायिकता के मुद्दे पर आदित्यनाथ से खुली बहस के लिए भारत आने के लिए भी तैयार हैं.
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