बिना अनुमति कोई विज्ञापन नहीं: चुनाव आयोग

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बिहार में चुनाव प्रचार ख़त्म होने के बाद बुधवार को भाजपा के अख़बारों में दिए गए विज्ञापन से नाराज़ चुनाव आयोग ने कहा है कि पांच नवंबर को बिना अनुमति कोई भी पार्टी विज्ञापन जारी नहीं करेगी.
भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जारी विज्ञापन मेें गोमांस पर लालू प्रसाद यादव और रघुवंश प्रसाद सिंह और सिद्धारमैया के बयान देकर भाजपा ने नीतीश से इन पर सफ़ाई मांगी थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जदयू और कांग्रेस के नेताओं ने भी चुनाव आयोग में इस विज्ञापन पर आपत्ति जताई थी.

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गुरुवार को बिहार में विधानसभा चुनावों के अंतिम चरण के लिए मतदान होना है.
जनता दल यूनाइटेड के महासचिव केसी त्यागी, कांग्रेस के प्रवक्ता आरपीएन सिंह और अजॉय कुमार चुनाव आयुक्त से मिले और आरोप लगाया कि यह विज्ञापन "धर्म के नाम पर वोट मांगने के बराबर है."
के सी त्यागी ने कहा, "अगर चुनाव आयोग इस तरफ कोई सख्त कदम नहीं उठाता है तो हम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का दरवाज़ा खटखटाएंगे."
सीपीआई (एम) ने भी मांग की कि इस पर चुनाव आयोग को खुद ही कड़े कदम उठाने चाहिए.

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सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने अपनी ट्वीट्स में कहा, "ये सोचना गलत है कि अगर आप गोमांस और धर्म का ढिंढोरा पीटेंगे तो लोग दाल को भूल जाएंगे. दाल और विभाजनकारी राजनीति ने पक्के तौर पर आपकी (बीजेपी की) किस्मत का फैसला कर दिया है."
चुनाव आयोग ने बिहार के सभी अखबारों को भी निर्देश दिए हैं कि वे पांच नवंबर को ऐसा कोई विज्ञापन नहीं छापें जिसे मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी ने प्रमाणित न किया हो.
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