लालू यादव इतनी डिमांड में क्यों हैं...?

इमेज स्रोत, PTI
- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अचानक से डिमांड में आ गए हैं.
जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवारों के बीच उनकी डिमांड बढ़ गई है. उम्मीदवार बाकायदा इसके लिए जेडीयू कार्यालय में अर्जी दे रहे हैं, जिसको बाकायदा लालू प्रसाद के पास पहुंचाया जा रहा है ताकि क्षेत्र में उनका कार्यक्रम रखा जा सके.
लालू प्रसाद की सभाओं का कार्यक्रम देख रहे राजद महासचिव चितरंजन गगन बताते हैं, “सभी पार्टियों से रोजाना उम्मीदवारों की अर्जी आ रही है. वो कहते हैं कि लालू जी कुछ बोले चाहें ना बोले, बस हैलिकॉप्टर से उतरकर हाथ हिला दें. इतना काफ़ी है.”
वही राजद नेता मुन्द्रिका यादव बताते हैं, “जैसे जैसे चुनाव बढ़ रहा है लालू जी का क्रेज उम्मीदवारों के बीच भी बढ़ता जा रहा है.”

इमेज स्रोत, SEETU TIWARI
हालांकि जेडीयू प्रदेश महासचिव नवीन आर्य बहुत खुले दिल से नहीं स्वीकारते कि लालू प्रसाद का क्रेज जेडीयू उम्मीदवारों के बीच बढ़ा है.
वो कहते हैं, “लालू जी हमारे गठबंधन के महान नेता हैं. इसके चलते उनसे प्रचार करवाने के लिए बहुत सारे जेडीयू उम्मीदवार अर्जी भेजते हैं. जिसको हम राजद के पास भेज देते हैं.”
लालू प्रसाद यादव इन दिनों एक दिन में औसतन नौ चुनावी सभाएं कर रहे हैं.
उनके प्रचार के स्टाइल के बारे में चितरंजन गगन बताते हैं, “रोजाना सुबह 9 बजे के आसपास लालू जी निकल जाते हैं. सुबह 10 बजे वो पहली सभा करते हैं और शाम साढ़े चार के आस पास आख़िरी सभा. इसके बाद शाम को वो अगले दिन जिन क्षेत्रों में सभा करनी है वहां का स्थानीय फीडबैक लेते हैं.”
लालू प्रसाद यादव की हर सभा औसतन 20 से 25 मिनट की होती है.

इमेज स्रोत, SEETU TIWARI
वरिष्ठ पत्रकार अरूण श्रीवास्तव कहते हैं, “लालू इन सभाओं में लोगों से सीधे कनेक्ट करते हैं. वो आंकड़ों में बहुत कम उलझते हैं और सीधी बात करते हैं. इसलिए वो सबसे बड़े कम्युनिकेटर हैं.”
दिलचस्प है कि जहां प्रचार में लगे सभी नेता तकनीकी तौर पर अपडेटिड रहते हैं, वहीं लालू प्रसाद यादव फ़ोन नहीं रखते.
लेकिन वो औसतन 4 ट्वीट करते हैं. पार्टी के वार रूम की जिम्मेदारी संभाल रहे संजय यादव बताते है, “लालू जी के पास अपना फ़ोन नहीं है. किसी भी बयान के बारे में उनको जानकारी तुरंत दे दी जाती है जिस पर क्या प्रतिक्रिया देनी है, वो तुरंत बताते हैं. कभी कभार सुबह के वक्त वो इस वार रूम में भी आते हैं.”
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












