क्या बिहार में वोट सिर्फ़ जाति पर पड़ते हैं?

- Author, प्रोफ़ेसर संजय कुमार
- पदनाम, सीएसडीएस, बीबीसी हिंदी डॉटकाम के लिए
बिहार चुनावों पर बीबीसी की विशेष सिरीज़ 'बूझिए ना बिहार को' में हम आपको अगले कुछ दिनों तक राज्य से जुड़े मिथकों और तथ्यों के बारे में बताते रहेंगे.
इस कड़ी में जानिए, क्या बिहार चुनाव केवल जाति पर आधारित है?
बाहरी व्यक्ति के लिहाज़ से देखें तो बिहार चुनाव का मतलब केवल जाति है. लोग केवल जाति देखकर वोट देते हैं और हमेशा ऐसा ही होता है.
<bold>पहली कड़ी: <link type="page"><caption> क्या लालू केवल यादवों के नेता हैं?</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151006_boojhiye_bihar_ko_lalu_yadav_sr" platform="highweb"/></link></bold>
यह सही है कि बिहार में जाति के आधार पर लोग वोट देते आए हैं. यादव समुदाय के लोग बड़ी संख्या में राजद को वोट देते आए हैं.
जाति के लिए वोट

इमेज स्रोत, MANISH SHANDILYA. BBC. PRASHANT RAVI
इसी तरह कुर्मी जाति के मतदाता बड़ी तादाद में नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के लिए मतदान करते हैं.
<bold>दूसरी कड़ी: <link type="page"><caption> क्या बिहार में कांग्रेस उजड़ चुकी है?</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151007_boojhiye_bihar_ko_rahul_gandhi_sr" platform="highweb"/></link></bold>
दूसरी ओर, सवर्ण जाति अमूमन भारतीय जनता पार्टी को वोट देती है. दलित मतदाता रामविलास पासवान को अपना वोट देता आया है.
इस बार जीतन राम मांझी पर भी उनकी नजरें होंगी. लेकिन आम लोग केवल जाति के आधार पर ही वोट देते हों, ऐसा नहीं है.
<bold>तीसरी कड़ी: <link type="page"><caption> नीतीश 'लोकप्रिय', पर जुटा सकेंगे वोट?</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151008_boojhiye_bihar_ko_nitish_kumar_sr" platform="highweb"/></link></bold>

इमेज स्रोत, PTI
विकास कितना अहम मुद्दा है?
लोग विकास के लिए भी वोट देते हैं. विकास की परिभाषा अलग अलग लोगों के लिए अलग होती है.
सवर्ण किसके साथ हैं?
<bold>चौथी कड़ी: <link type="page"><caption> क्या बिहार चुनाव केवल अपराधियों के लिए है?</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151009_boojhiye_bihar_ko_series_criminal_sr" platform="highweb"/></link></bold>
दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब लोगों के लिए सामाजिक सशक्तिकरण, आर्थिक विकास जितना ही महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है.
इस वर्ग के लोगों का वोट सामाजिक विकास और सामाजिक बदलाव का दावा करने वाली पार्टियों को मिलता रहा है. ऐसे में वे राजद और एलजेपी को वोट देते रहे हैं.
सामाजिक सशक्तिकरण
सबसे बड़ा जातीय ध्रुवीकरण
<bold>पांचवी कड़ी: <link type="page"><caption> पासवान-मांझी में कौन है बड़ा दलित नेता?</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151010_boojhiye_bihar_ko_paswan_manjhi_part_five_sr" platform="highweb"/></link></bold>
यह भी महत्वपूर्ण है कि राजद को सभी यादवों का वोट इसलिए नहीं मिलता कि लालू खुद यादव हैं. यादवों का वोट उनकी पार्टी को इसलिए मिलता है कि ग़रीब-गुरबे उन्हें समाजिक सशक्तिकरण का श्रेय देते हैं.
<bold>छठी कड़ी: <link type="page"><caption> बिहार चुनाव में 'भोटकटवा' बहुत हैं क्या?</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151011_boojhiye_bihar_ko_vote_katawa_pm" platform="highweb"/></link></bold>
सवर्ण सामाजिक सशक्तिकरण को ही विकास नहीं मानते. वे शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी वे विकास के लिए जरूरी मानते हैं. यह समूह बीजेपी को वोट करता रहा है क्योंकि उन्हें ये अपने हितों वाली पार्टी लगती है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












