पुलिस बल में कितनी हैं महिलाएं?

पिछले पांच सालों यानी 2010 से 2014 के बीच देश में पुलिस बल की संख्या में सिर्फ़ 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई लेकिन इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
हालांकि महिला पुलिसकर्मियों की यह संख्या अभी भी लक्ष्य से बहुत पीछे है.
साल 2009 में गृह मंत्रालय ने पुलिस बल में 33 प्रतिशत महिलाओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इस लक्ष्य को देश के केवल एक तिहाई राज्य ही हासिल कर पाए.
कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनीशिएटिव की रिपोर्ट में भले ही कहा गया है कि पुलिस में महिलाओं की भर्ती ने रफ़्तार पकड़ी है.
लेकिन हक़ीक़त ये है कि 2010 में 4.2 प्रतिशत के मुक़ाबले 2014 में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 6 प्रतिशत तक ही बढ़ पाई.
एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक़, इस दौरान महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.



साल 2012 में दिल्ली में निर्भया कांड के बाद यह मांग और तेज़ हुई थी कि महिला मुद्दों पर पुलिस को संवेदनशील बनाने के लिए पुलिस में और अधिक महिलाओं की भर्ती करना ज़रूरी है, ताकि महिलाएं अपराध के ख़िलाफ़ बेहिचक रिपोर्ट कर सकें.
लेकिन क़ानून को और कड़ा बनाए जाने तीन साल बाद भी सज़ा की दर बहुत कम है.
<bold>(<link type="page"><caption> इंडियास्पेंड </caption><url href="www.indiaspendhindi.com/category/special-reports" platform="highweb"/></link>की रिसर्च पर आधारित) </bold>
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