'भारत की शर्त पर बातचीत का कोई फायदा नहीं'

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पाकिस्तान ने कहा है कि भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की तरफ से बातचीत के लिए जो शर्त रखी गई है, उसके मद्देनज़र दोनों मुल्कों के सुरक्षा सलाहकारों की दिल्ली में होने वाली बातचीत से कोई फ़ायदा नहीं होगा.
बयान के मुताबिक, "राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच प्रस्तावित बातचीत भारतीय शर्तों के आधार पर नहीं हो सकतीं."
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट करके पाकिस्तान के फ़ैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
उन्होंने कहा, हमने सिर्फ़ यही दोहराया था कि पाकिस्तान शिमला और ऊफ़ा समझौते की विचारधारा का सम्मान करे जिसके लिए वो पहले से ही प्रतिबद्ध था."
शनिवार को पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार की तरफ से बिना शर्त बातचीत के लिए भारत जाने के एलान के बाद सुषमा स्वराज ने कहा था कि बातचीत सिर्फ आतंकवाद तक ही सीमित रहेगी.
सुषमा स्वराज ने इस मामले में पाकिस्तान को शनिवार मध्य-रात्रि तक की मोहलत दी थी.
शनिवार की रात पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान अपनी इस बात को दोहरा रहा है कि भारत की ओर से रखी गई शर्तों की बुनियाद पर दोनों देशों के सुरक्षा सलाहकारों की मुलाक़ात मुमकिन नहीं है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि सुषमा स्वराज ने संवाददाता सम्मेलन में जो कहा, उससे ये नतीजा निकाला जाता है कि अगर दिल्ली में दोनों मुल्कों के सलाहकारों की मुलाक़ात शर्तों की बुनियाद पर होती है तो उसका कोई फ़ायदा नहीं है.
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