4 साल में 9 गुना बढ़ी सीमा पर फ़ायरिंग

संघर्ष विराम उल्लंघन

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हाल के दिनों में सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम टूटने की घटनाओं में खासी वृद्धि हुई है.

राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2011 के मुकाबले 2014 में सीमा पर पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में नौ गुना वृद्धि हुई है.

दोनों देशों के बीच 12 साल पहले सीमा पर संघर्ष विराम पर समझौता हुआ था.

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इन चार सालों के दौरान संघर्ष विराम उल्लंघन के 1,106 मामले दर्ज हुए जबकि 30 जून 2015 तक 199 मामले सामने आए हैं.

लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक़, साल 2014 में संघर्ष विराम उल्लंघन के 583 मामले सामने आए.

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यानी हर 15 घंटे में एक घटना हुई. गोलीबारी के कारण चार सैनिक, बीएसएफ़ का एक जवान और 13 नागरिक मारे गए.

भारत पाकिस्तान पर चरमपंथी हमले को शह देने और उकसावे के लिए फ़ायरिंग करने का आरोप लगाता है.

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लोक सभा के आँकड़ों के मुताबिक साल 2012 से 2014 के बीच पाकिस्तान की ओर से 945 हमले हुए.

भारतीय सुरक्षा बलों ने 2013 में 38 और 2014 में 36 चरमपंथियों को नियंत्रण रेखा पार करने की कोशिश करते हुए मारा.

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