बांग्लादेश के पूर्व मंत्री पर घुसपैठ के आरोप

सलाउद्दीन अहमद

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    • Author, दिलीप कुमार शर्मा
    • पदनाम, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) की सरकार में मंत्री रहे सलाउद्दीन अहमद के खिलाफ बुधवार को मेघालय की एक स्थानीय अदालत ने भारत में बिना वैध यात्रा दस्तावेज के प्रवेश करने के मामले में आरोप तय कर दिए हैं.

न्यायिक मजिस्ट्रेट केएमएल नोंगबरी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सलाउद्दीन अहमद ने ख़ुद को निर्दोष बताया. अदालत ने उनके ख़िलाफ़ फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14 के तहत आरोप तय किए हैं.

अदालत ने अब इस मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों को सुनने के लिए 30 जुलाई की तारीख़ तय की है.

क्या था मामला

मेघालय पुलिस ने इस साल 11 मई को बीएनपी नेता अहमद को शिलोंग के गोल्फ लिंक इलाके से गिरफ्तार किया था.

स्थानीय लोगों ने उन्हें बिना किसी कारण इलाके में घूमते हुए देखा था. बाद में इसकी जानकारी पुलिस को दी गई.

पुलिस को उनके पास भारत में दाख़िल होने संबंधी कोई वैध कागज़ात नहीं मिले. उन्हें फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14 की तहत गिरफ्तार किया था.

दूसरी ओर सलाउद्दीन अहमद का कहना है कि कुछ अज्ञात लोगों ने बांग्लादेश में उनका अपहरण कर लिया था और उन्हें नहीं पता कि वे शिलोंग कैसे पहुंचे.

रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश में अहमद के ख़िलाफ़ कई मामले चल रहे है और सरकार ने उनके ख़िलाफ़ 'रेड कॉर्नर' नोटिस जारी किया है. ऐसे में बांग्लादेश पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

इस मामले में सरकारी वकील आईसी झा का कहना है कि अहमद ने भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोपों से इंकार किया, अदालत ने उनके ख़िलाफ़ आरोप तय किए हैं और मामले की सुनवाई जारी रहेगी.

सलाउद्दीन अहमद ज़मानत पर हैं लेकिन उन्हें शिलोंग न्यायिक क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति नही हैं.

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