पाकिस्तान: गर्मी से 1000 से ज़्यादा मौतें

पाकिस्तान में गर्मी से लोगों का बुरा हाल

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पाकिस्तान में भीषण गर्मी पड़ रही है और लू से मरने वालों की तादाद 1,000 से ज़्यादा हो गई है.

स्थानीय मीडिया के अनुसार अकेले कराची में ही कम से कम 950 लोगों की मौत हुई है और लू और शरीर में पानी की कमी के कारण हज़ारों लोगों का अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है.

एक प्रमुख ग़ैर सरकारी संगठन ने आशंका जताई कि लू मरने वालों की तादाद बढ़कर 1,500 तक जा सकती है.

अधिकारियों की आलोचना की जा रही है कि उन्होंने संकट से निपटने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए.

बिजली की कटौती से बुरा हाल

गर्मी से बेहाल लोग मसजिदों में पनाह ले रहे है.

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बिजली की लगातार हो रही कटौती से लोगों का हाल ज़्यादा बुरा है, क्योंकि इससे पंखे और एयर कंडीशनर नहीं चल रहे हैं. इससे सरकार के प्रति लोगों का गुस्सा और बढ़ा है.

ईधी कल्याण संगठन के अनवर काज़मी ने कहा है कि बिजली कटौती की वजह से मुर्दाघरों के रेफ़्रिजरेटरों ने काम करना बंद कर दिया है.

शवों की संख्या इतनी ज़्यादा हो गई है कि उन्हें रखने का सही इंतज़ाम नहीं है. लिहाज़ा, इन्हें बॉडी बैग में रखा जा रहा है.

छुट्टी का ऐलान

बॉडी बैग में रखे जा रहे हैं शव

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सिंध प्रांत की सरकार ने बुधवार को सरकारी छुट्टी का ऐलान कर दिया था ताकि लोग घरों में रहें और धूप और लू से बच सकें.

पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टर क़ैसर सज़्जाद ने कहा कि लू से निपटने का सही तरीका लोगों को नहीं मालूम होने से दिक्कतें बढ़ी हैं.

रमज़ान का महीना चल रहा है. इस दौरान रोज़ा रखने और दिन भर पानी नहीं पीने से लोगों का बुरा हाल है. हालाँकि कुछ मौलानाओं ने लोगों से अपील की है कि वे यदि कमज़ोर हैं, बुजुर्ग हैं या रोज़ा रखने के क़ाबिल नहीं हैं तो न रखें.

मजहबी क़ानून का डर

गर्मी से मरने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है

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समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ख़बर दी है कि दुकानदार लोगों को रोज़ा के समय बर्फ़ या पानी देने से इंकार कर रहे हैं. उन्हें डर है कि ऐसा करने से उन पर मजहबी क़ानून लगाया जा सकता है और ज़ुर्माना वसूला जा सकता है.

उम्मीद की जा रही है कि मॉनसून के पहले की बारिश से हालात सुधरेगी, हालाँकि अब तक कोई खास बारिश नहीं हुई है.

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