रमज़ान में फाँसी नहीं देगा पाकिस्तान

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पाकिस्तान ने मुस्लिमों के पवित्र महीने रमज़ान में फाँसी दिए जाने पर रोक लगा दी है.
प्रधानंत्री नवाज़ शरीफ़ ने अधिकारियों को इस महीने की पवित्रता का सम्मान करने के लिए फ़ांसी पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं.
पाकिस्तान के अधिकतर हिस्सों में शुक्रवार से रमज़ान का महीना शुरू हुआ है.
पाकिस्तान में दिसंबर के बाद से 170 से ज़्यादा लोगों को फाँसी पर चढ़ाया जा चुका है जिसकी मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना भी की है.
नवाज़ शरीफ़ ने गुरुवार को आंतरिक मंत्रालय और प्रांतीय सरकारों को एक महीने तक फाँसी रोकने के आदेश दिए.
रोक

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पाकिस्तान में दुनियाभर में सबसे ज़्यादा मौत की सज़ा पाए क़ैदी हैं.
क़रीब 8200 क़ैदी फाँसी का इंतज़ार कर रहे हैं. इनमें से अधिकतर एक दशक से ज़्यादा से जेलों में बंद हैं.
पिछले साल पेशावर में एक स्कूल पर हुए हमले के बाद से पाकिस्तान में फांसी पर सात साल से जारी रोक हटा दी गई थी.
एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि इसके बाद से फाँसी दिए जाने का सिलसिला चल रहा है.
इसी सप्ताह अब तक कम से कम पंद्रह लोगों को फाँसी दी जा चुकी है.
इनमें से ज़्यादातर क़त्ल के दोषी हैं और सालों से जेल में बंद थे.
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