फ़ोन कंपनियां ऐसे रख रही हैं आप पर नज़र

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- Author, आशुतोष सिन्हा
- पदनाम, टेक्नॉलॉजी एक्सपर्ट
ऐपल, माइक्रोसॉफ़्ट और गूगल, ये तीनों कंपनियां आपके जीवन में अधिक से अधिक जगह बनाना चाहती हैं.
ऐपल ने 2011 में सीरी नाम का पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट आइफ़ोन4 के लिए बनाया था. गूगल नाउ को पहली बार एंड्रायड 4.1 के साथ लाया गया था.
माइक्रोसॉफ़्ट ने कोर्टाना पिछले साल लांच किया था, विंडोज फ़ोन 8.1 के साथ.
उंगलियों में जानकारी

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पहली बार पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट 1980 के दशक में बनाया गया था और ये डिवाइस बिना फ़ोन के काम करते थे.
पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट बाद में कंप्यूटर से कनेक्ट करके काम करते थे.
ऐपल का नेव्तोन और पाम का पायलट लोकप्रिय थे. ये इंटरनेट दौर से पहले के डिवाइस थे और इन पर बहुत कम जानकारी स्टोर की जा सकती थी.
अब आने वाले फ़ोन पर आपके और आपके दोस्तों के बारे में पूरी जानकारी रहती है.
पिछले चंद सालों में टेक्नोलॉजी में सुधार के कारण आपके बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी गूगल, ऐपल और माइक्रोसॉफ़्ट जैसी कंपनियों के पास आने लगी है.
मिसाल के तौर पर आपके लोकेशन को देखकर गूगल अब समझ जाता है कि आप घर पर हैं या ऑफिस में. इस बीच, गूगल नाउ में सुधार हुआ है और मोबाइल पर ये अब बेहतर काम करता है.
उसको देखकर इसका नाम बदलकर 'नाउ ऑन टैप' कर दिया गया है.
मतलब जो भी जानकारी आपको चाहिए, बस उंगलियाँ चलाइए और जानकारी हाज़िर.
रखते हैं पूरी जानकारी

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एक और तरह से कहें तो अगर आप गूगल म्यूज़िक पर गाना सुन रहे हैं तो आपको उस गाने के बारे में पूरी जानकारी 'ऑन टैप' पर मिल जाएगी.
ऐपल के सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसीडेंट क्रेग फेडरिगी के अनुसार सीरी को भी वो कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो आपको हर चीज़ की याद दिला दे.
जैसे आपको अगर कोई काम करने के लिए एक टेक्स्ट मैसेज मिला है तो आपको बस ये बटन दबा देना है कि वो काम आपके कैलेंडर से जुड़ जाए और फ़ोन आपको याद दिला दे.
अब बात साफ़ है कि ऐपल भी अपने फ़ोन को गूगल के 'ऑन टैप' की तरह बनाना चाहता है.
"मुझे पिछले महीने की छुट्टी के फोटो दिखाओ." क्रेग फेडरिगी कहते है कि इस आदेश के मिलते ही, ऐपल फ़ोन आपके फोटो ढूंढकर निकाल देगा.
कोर्टाना के बारे में माइक्रोसॉफ़्ट ने बताया कि ये अब एंड्रायड और आइओएस पर भी मिलेगा. विंडोज़10 जब अगले महीने लॉन्च होगा तो कोर्टाना उसका अहम हिस्सा होगा.
आपको घर का कोई काम करना है या फिर ऑफिस का, सब कुछ इसमें होगा. अगर कहीं बाहर जा रहे हैं तो फ्लाइट की पूरी जानकारी डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों पर मिलेगी.

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कुछ ऐसा समझ लीजिए कि ये कंपनियां आपका पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट बनना चाहती हैं. इससे उन्हें आपके बारे में पुरानी जानकारी तो मिलती ही है, आपके बारे में आने वाली जानकारी भी मिलती है.
'भयावह' संभावनाएं
फ़ोन की तरफ से ये मदद सुनकर बहुत अच्छा लगता है और वाक़ई आपके लिए ये फायदेमंद होगा.
लेकिन ये तीनों कंपनियां आपके बारे में जुटाई जानकारी को सुरक्षित रखने की क्या कोशिश कर रही हैं? अगर कोई मशीन या कंप्यूटर आपके बारे में पूरी जानकारी रखने लगे तो सुनकर थोड़ा डर लगता है.
ऐसी दुनिया में जहां सब कुछ ऑनलाइन होता है, तो उससे मिलने वाले आराम के साथ-साथ परेशानी के लिए भी तैयार रहें. अगर आप अपने बारे में पूरी जानकारी खुद अपने फ़ोन को देना चाहेंगे, ये जानते हुए कि ये जानकारी कहीं और भी स्टोर हो रही है, तो पसंद आपकी है.
एक बात का ध्यान रखिए. पर्सनल डिजिटल अस्सिटेंट आपका काम नहीं करेंगे. काम तो आपको ही करना होगा.
ये असिस्टेंट सिर्फ आपको काम की याद दिलाएंगे. साथ में, ये भी बता दें कि नोटिफिकेशन आने से बैटरी की जो हालत होगी उसके बारे में भी ज़रा सोच लीजिए.
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