नेताजी जासूसी मामला: 'नहीं होगी जांच'

नेताजी बोस

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केंद्र सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार की 20 वर्षों तक जासूसी होने से जुड़ी रिपोर्टों की जांच का कोई इरादा नहीं रखती है.

गृह राज्य मंत्री हरिभाई चौधरी ने मंगलवार को लोकसभा में बताया, "जासूसी की जांच करने का कोई प्रस्ताव नहीं है."

हालांकि उन्होंने कहा कि नेताजी से संबंधित बहुत सी फाइलों को गोपनीय दस्तावेजों की सूची से हटा कर उन्हें राष्ट्रीय अभिलेखागार में भेज दिया गया है.

हाल ही में इन रिपोर्टों पर काफी विवाद हुआ था कि जवाहर नेहरू सरकार के दौरान बीस साल तक नेता जी के परिवार को खुफ़िया निगरानी में रखा था.

सुभाष बोस

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हालिया जर्मनी यात्रा में नेताजी के भतीजे सूर्या बोस से मिले थे.

मुलाकात के बाद सूर्या बोस ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वे इस निगरानी और फाइलों को सार्वजनिक करने के मुद्दे पर विचार करेंगे.

चौधरी ने बताया कि बोस से जुड़ी कुछ गोपनीय फाइलें केंद्र सरकार के पास है तो कुछ पश्चिम बंगाल सरकार के पास.

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