नई सरकार से डर लगता हैः नंदिता दास

'फ़ायर', '1947: अर्थ' और 'बवंडर' जैसी फ़िल्मों से चर्चित हुईं नंदिता दास उन अभिनेत्रियों में से हैं जो एक बेहतरीन अदाकारा होने के साथ-साथ अपने सामाजिक सरोकारों के लिए भी जानी जाती हैं.
बतौर निर्देशक उन्होंने 'फ़िराक़' बनाई. गोधरा की घटना के बाद हुए दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फ़िल्म को लेकर उन्हें सेंसरबोर्ड से लेकर गुजरात तक में विवाद का सामना करना पड़ा था.
बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद से नंदिता दास ने बातचीत में सेंसरशिप से लेकर बॉलीवुड में गोरेपन को लेकर जारी पूर्वाग्रह पर खुलकर बातचीत की.
सेंसरबोर्ड

सेंसर बोर्ड के रोल पर नंदिता कहती हैं, "सेंसरशिप को लेकर काफ़ी चर्चा हो रही है. गालियों पर हाल ही में उन्होंने कहा कि इस पर रोक लगा दी जानी चाहिए. हम सब मानते हैं कि गाली बुरी बात है. लेकिन गालियां कुछ लोगों के बोलचाल का हिस्सा भी हैं. गाली किसी किरदार का भी हिस्सा हो सकती है."
उन्होंने बताया कि गालियों के मसले पर उनकी फ़िल्म 'फ़िराक़' को लेकर सेंसरबोर्ड से विवाद हो गया था.

इमेज स्रोत, Other
नंदिता बताती हैं कि सेंसरशिप का आलम ये है कि हम किसी फ़िल्म में 'बॉम्बे' नहीं कह सकते हैं. इंटरनेट के ज़माने में कुछ रोकना बेहद दकियानूसी है. आख़िर पांच लोग ये कैसे तय कर सकते हैं कि किसी को क्या देखना चाहिए और क्या नहीं.
बोलने की आज़ादी

इमेज स्रोत, Other
इसके पीछे शायद बदला हुआ राजनीतिक माहौल हो सकता है. सेंसरबोर्ड या दूसरे ज़िम्मेदार ओहदों पर बैठे लोगों पर भी नज़र जाती है. और समाज की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं.
नंदिता खुलकर कहती हैं, "नई सरकार से हमें थोड़ा डर लगता है. क्योंकि अपनी बात कहने की आज़ादी सिर्फ़ एक मुद्दा भर नहीं है. ये हम सबकी ज़िंदगी से जुड़ा हुआ है."
उनका कहना है, "सेंसरबोर्ड या अन्य एजेंसियों के ज़रिए जिस तरह की पहरेदारी की जा रही है उससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले जैसी स्थिति है. आप फ़ेसबुक पर कोई चीज़ लाइक कर दो, आपके घर पुलिस न आ जाए. कोई चैनल अगर ऐसा कुछ कह देता है तो उसके चैनल में तोड़फोड़ हो जाती है."
वे कहती हैं, "सरकार ही नहीं बल्कि सरकार से बाहर भी कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें ये लगता है कि हम कुछ करेंगे तो सरकार हमारे साथ है. उन्हें इस बात का डर ही नहीं है कि संविधान के तहत किस तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए."
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












