अब श्रीनिवासन का क्या होगा?

श्रीनिवासन

इमेज स्रोत, AFP

    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

आईपीएल सिक्स में हुई मैच फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी से जुड़े मामले में मंगलवार को एक बार फिर सुनवाई होगी.

इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के ख़िलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया और उसे फटकारते हुए कहा कि अगर बोर्ड फ़िक्सिंग जैसी चीज़ को होने देता है तो वह क्रिकेट को तबाह कर रहा है.

इस मामले में बिहार क्रिकेट संघ के अधिकारी और याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने मीडिया से कहा, "अब एक तरह से कोर्ट संतुष्ट है कि एक आदमी जो ख़ुद बोर्ड का अध्यक्ष है, उसी की खरीदी टीम बोर्ड द्वारा आयोजित किए जा रहे आईपीएल टूर्नामेंट में खेल रही है."

उन्होंने कहा, "यह कहां तक जायज़ है? हमारे वकील का भी यही तर्क था कि एन श्रीनिवासन सभी को बचाने का काम कर रहे हैं."

बीसीसीआई का अध्यक्ष पद

बीसीसीआई का लोगो

इमेज स्रोत, bcci

अब जबकि मामला कोर्ट में है और सुनवाई चल रही है, इन परिस्थितियों में भी एन श्रीनिवासन एक बार फिर बीसीसीआई के अध्यक्ष बनना चाहते हैं.

इसे लेकर आदित्य वर्मा का कहना है कि अब सुप्रीम कोर्ट का जो भी निर्णय आएगा वह बीसीसीआई और क्रिकेट के हित में होगा तथा उन लोगों के लिए सबक होगा जो इस खेल को बदनाम कर रहे हैं.

वहीं आदित्य वर्मा यह भी कहते हैं कि इंडिया सीमेंट कंपनी और चेन्नई सुपर किंग्स का जो एफिडेविट कोर्ट में आया है, उसमें उन्होंने कहा है कि गुरुनाथ मेयप्पन का इंडिया सीमेंट कंपनी से कोई लेना देना नहीं है.

मैच फ़िक्सिंग!

गुरुनाथ मेयप्पन

इमेज स्रोत, csk

वर्मा ने बताया, "ना तो वे शेयर होल्डर हैं और ना ही कर्मचारी. अब सवाल यह है कि अगर वह कंपनी में कुछ भी नहीं थे तो कैसे खिलाड़ियों की नीलामी में हिस्सा लेते थे? वह कैसे चेन्नई सुपर किंग्स टीम के साथ रहते थे? अगर टीम का मालिक सट्टेबाज़ी करता है तो वह सट्टेबाज़ी नहीं बल्कि मैच फ़िक्सिंग है."

अब मंगलवार को क्या कुछ हो सकता है? इसे लेकर जाने-माने क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगज़ीन का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती से पेश आते हुए बीसीसीआई को संकेत दे दिया है कि आप ख़ुद सुधर जाइए और ज़रूरी कार्रवाई कीजिए.

मैगज़ीन कहते हैं, "अब मंगलवार को पता चलेगा कि बोर्ड कैसी दलीलें कोर्ट में देता है. अगर अब भी बोर्ड श्रीनिवासन का साथ देता है तो सुप्रीम कोर्ट कोई ऐसा निर्णय दे सकती है जिससे श्रीनिवासन का बोर्ड में बने रहना मुश्किल हो सकता है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)