सुंदर रमन को बचाने की क्या है वजह?

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    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

आईपीएल-6 में हुई कथित स्पॉट फ़िक्सिंग और सट्टेबाज़ी से जुड़े मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ तब आ गया जब बीसीसीआई ने 20 नवंबर को होने वाली अपनी कार्यकारी समिति की सालाना आम बैठक को 17 दिसंबर तक के लिए टाल दिया.

उल्लेखनीय हैं कि इससे पहले सोमवार को मुद्गल समिति की रिपोर्ट में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर मैच फ़िक्सिंग और जांच को प्रभावित करने के आरोप का कोई सबूत नहीं पाया गया था. मगर श्रीनिवासन पर सट्टेबाज़ी की जानकारी होने के बावजूद कोई कारवाई नहीं करने का आरोप है.

वहीं मुद्गल रिपोर्ट में श्रीनिवासन के दामाद गुरूनाथ मय्यपन, राजस्थान रॉयल्स के सहमालिक राज कुंद्रा और आईपीएल के सीईओ सुंदर रमन को सट्टेबाज़ी में शामिल पाया गया हैं.

बीसीसीआई की कार्यकारी समिति ने मुद्गल रिपोर्ट में सुंदर रमन की भूमिका को लेकर उनका स्पष्टीकरण सुना और फ़ैसला किया कि वह सुप्रीम कोर्ट में सुंदर रमन को सहयोग करेगी.

श्रीनिवासन का दबदबा

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बीसीसीआई के इस क़दम को लेकर जाने-माने क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगज़ीन का मानना हैं कि सुंदर रमन का बचाव करने का सीधा-सीधा मतलब हैं कि एन श्रीनिवासन ही बीसीसीआई चला रहे हैं.

अब क्योंकि जांच की आंच उन पर भी आ रही हैं कि उन्होंने कोई कारवाई क्यों नही की इसके बावजूद कार्यकारी समिति में उनके ख़िलाफ़ कोई विद्रोह नहीं हुआ.

अब इस मामले में कोर्ट ही कुछ कर सकता हैं. इन सभी बातो से यही अर्थ निकलता हैं कि बोर्ड का एक ही उद्देश्य है श्रीनिवासन को हर हाल में बचाना.

क्या इससे बीसीसीआई की छवि और नहीं बिगड़ेगी. इसे लेकर प्रदीप मैगज़ीन का मानना हैं कि बोर्ड की बदनामी तो बहुत पहले से हो रही हैं. जो कुछ हो रहा हैं वह सुप्रीम कोर्ट के अनुसार हो रहा हैं. इसके बावजूद अब अगर वह सुप्रीम कोर्ट को भी चुनौती देने को तैयार हैं तो हम और आप क्या कर सकते हैं.

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क्लीन चिट पर सवाल

क्या मुद्गल समिति की रिपोर्ट में श्रीनिवासन को क्लीन चिट मिलने से बीसीसीआई के हौंसले बढ़े हैं. इस सवाल को लेकर प्रदीप मैगज़ीन का मानना हैं कि समस्या तो यही है कि उन्हें क्लीन चिट नहीं मिली हैं. मुद्गल समिति की रिपोर्ट में कहा गया हैं कि उन्होंने झूठ बोला कि उनके दामाद केवल क्रिकेट के शौक़ीन होने के नाते टीम का समर्थन कर रहे थे.

सुंदर रमन को लेकर प्रदीप मैगज़ीन का मानना है कि उन्हें मालूम था कि मय्यपन और राज कुंद्रा क्या कर रहे हैं.

यह तो बीसीसीआई के क़ानूनों के तहत चलने वाला टूर्नामेंट है. एक टीम का मालिक सट्टेबाज़ी कर रहा हैं और आईपीएल का सीईओ चुपचाप बैठा हैं इससे बड़ा आरोप और क्या हो सकता हैं. अब अगर सुंदर रमन का बचाव नही करेंगे तो मय्यपन के ख़िलाफ़ कारवाई करनी पड़ेगी, मय्यपन पर कार्रवाई होगी तो चेन्नई सुपर किंग्स और श्रीनिवासन पर भी बात आएगी.

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यह एक कड़ी हैं जिसमें सबको बचाना उनके लिए ज़रुरी हैं.

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