बीसीसीआई, आईपीएल से अलग कैसे: सुप्रीम कोर्ट

एन श्रीनिवासन

इमेज स्रोत, AF

इंडियन प्रीमियर लीग 2013 में स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को फटकार लगाई है.

जस्टिस मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर सुनवाई के समय सुप्रीम कोर्ट ने कहा यदि बोर्ड 'फिक्सिंग' जैसी चीजों को होने देता है तो वह 'खेल को तबाह कर रहा है.'

जस्टिस मुद्गल के रिपोर्ट सौंपने के बाद चार नाम सामने आए थे. - आईसीसी प्रमुख एन श्रीनिवासन, उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन, राजस्थान रॉयल्स के सह-मालिक राज कुंद्रा और पूर्व आईपीएल अफ़सर सुंदर रामन.

'हितों का टकराव'

मुद्गल कमेटी की रिपोर्ट पर बीसीसीआई बोर्ड ने दलील दी कि श्रीनिवासन पर कोई आरोप नहीं हैं. बोर्ड ने यह भी भरोसा दिलाया कि मुद्गल कमेटी में सामने आए तथ्यों पर कार्रवाई होगी.

जस्टिस मुद्गल
इमेज कैप्शन, जस्टिस मुद्गल ने नवंबर की शुरुआत में अपनी अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी.

कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष के आईपीएल की टीम ख़रीदने से हितों के टकराव का मामला बनता है.

कोर्ट ने कहा, "संदेह का लाभ खेल को मिलना चाहिए, व्यक्ति को नहीं."

बीसीसीआई के यह कहने पर कि आईपीएल और बीसीसीआई अलग-अलग संगठन हैं, कोर्ट का कहना था कि उन्हें अलग नहीं समझा जा सकता.

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