शाही इमाम के बेटे की ताजपोशी

दस्तारबंदी

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    • Author, अंकुर जैन
    • पदनाम, जामा मस्जिद से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

विवादों के बीच जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के बेटे शाबान बुखारी को नायब इमाम घोषित कर दिया गया.

अहमद बुखारी ने दस्तारबंदी की रस्म के ज़रिए अपने 19 वर्षीय बेटे को नायब इमाम बनाया.

हालाँकि कई संगठनों ने अहमद बुखारी के अपना उत्तराधिकारी चुनने के हक़ को लेकर सवाल भी उठाए थे.

यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था, लेकिन शुक्रवार को अदालत ने दस्तारबंदी कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. हालाँकि अदालत ने ये ज़रूर कहा था कि दस्तारबंदी कार्यक्रम की कोई क़ानूनी मान्यता नहीं है.

वक्फ़ बोर्ड से टकराव

दस्तारबंदी की रस्म के दौरान अहमद बुखारी ने कहा, "मैं शाबान बुखारी को जामा मस्जिद का नायब इमाम घोषित करता हूं. मैं उम्मीद करता हूं कि वे उम्मीदों पर ख़रा उतरेंगे."

जामा मस्जिद

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इमेज कैप्शन, जामा मस्जिद को भारत की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक मस्जिद माना जाता है

अहमद बुखारी ने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड को जामा मस्जिद के मामलों में दखल देने का कोई हक़ नहीं है.

जामा मस्जिद की दस्तारबंदी पिछले कुछ समय से सुर्खियों में रही है. अहमद बुखारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दस्तारबंदी समारोह का न्यौता नहीं भेजा था, जबकि गृह मंत्री राजनाथ को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था.

ये अलग बात है कि इस समारोह में राजनाथ सिंह भी नहीं पहुंचे.

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