कौन है फूलन का क़ातिल शेर सिंह राणा

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फूलन देवी हत्याकांड में आए फ़ैसले के बाद शेर सिंह राणा एक बार फिर चर्चा में हैं. अदालत ने 38 वर्षीय राणा को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.
राजपूत जाति से ताल्लुक़ रखने वाले उत्तराखंड के रुड़की के निवासी शेरसिंह राणा इससे पहले भी सुर्ख़ियों में रहे हैं.
उनके हर कारनामे से नाटकीयता जुड़ी रही.
25 जुलाई 2001 को दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में तत्कालीन सांसद फूलन देवी की हत्या की गई थी.
इसके दो दिन बाद शेर सिंह राणा ने देहरादून में आत्मसमर्पण करके इल्ज़ाम अपने सिर लिया.
शेर सिंह राणा ने कहा कि उन्होंने फूलन से राजपूतों की हत्याओं का बदला लिया है.
हालांकि अपनी किताब 'जेल डायरी' में उन्होंने पुलिस पर जुर्म क़ुबूल करवाने के लिए मजबूर करने का आरोप भी लगाया.

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17 फरवरी 2004 को शेर सिंह राणा तिहाड़ जेल से फ़रार हो गए.
वो दो साल बाद 17 मई 2006 को कोलकाता में गिरफ़्तार किए गए.
राणा ने मीडिया को बताया कि जेल से फ़रारी के दौरान वे बांग्लादेश के रास्ते अफ़ग़ानिस्तान गए.
उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में दिल्ली के राजा पृथ्वीराज चौहान की क़ब्र खोजकर उनकी अस्थियां वापस भारत लाने का दावा किया.
राणा को ज़बरदस्त मीडिया कवरेज तो मिली लेकिन उनके इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी.
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