झारखंड : गैस रिसाव से 50 से अधिक बीमार

- Author, नीरज सिन्हा
- पदनाम, रांची से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
झारखंड में शनिवार रात एक टैंकर से हुए गैस रिसाव की वजह से क़रीब 50 लोग बीमार पड़ गए और कई पशुओं की मौत हो गई.
यह घटना झारखंड की राजधानी रांची से करीब पौने तीन सौ किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश से लगे गढ़वा ज़िले की है.
गढ़वा ज़िले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर झा ने बीबीसी को बताया कि पांच बेहोश लोगों को समुचित इलाज के लिए गढ़वा जिला मुख्यालय लाया जा रहा है. वहीं दर्जन भर लोग स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं. कई लोग अब होश में आ रहे हैं.
पुलिस अधीक्षक के अनुसार इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच के आदेश दिए गए हैं.
टैंकर से हुए गैस रिसाव की वजह से खेतों में लगी गेंहू और आलू की फसलें पीली पड़ गई हैं.
इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया.
'जहरीली गैस'
नगरउंटारी के स्थानीय पत्रकार रविरंजन पांडे ने बीबीसी को बताया कि यह घटना शनिवार रात करीब नौ बजे की है.
उन्होंने बताया कि गैस रिसाव से लोगों को घुटन महसूस होने लगी. उन्होंने कई बच्चों को छटपटाते हुए देखा. उस समय स्थानीय बाजार बंद हो रहे थे. गैस रिसाव से चारों तरफ अफ़रा- तफ़री मची हुई थी.
रविरंजन बताते हैं कि आसपास के लोगों ने घर छोड़कर दूर के कटीन और ओझा पहाड़ी में रात बिताई. सुबह जब लोग घरों को लौटे तो देखा कि खेतों में लगी आलू और गेंहू की फसलें पीली पड़ गई हैं. घरों में रखे बर्तन काले पड़ गए हैं.
गैस के प्रभाव में आकर कई कुत्ते, बिल्ली और चूहे भी जहां-तहां मरे पड़े मिले.
फसल और घरेलू सामान को पहुँचे नुक़सान को देखकर स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमा लगाया.
जांच के आदेश
पुलिस अधीक्षक ने बीबीसी को बताया कि पुलिस लोगों को राहत पहुंचाने और सड़क पर लगे जाम को हटाने में लगी है.
उन्होंने बताया कि गढ़वा के डीएसपी को घटनास्थल पर भेजा गया है. एसपी के मुताबिक़ 50 से अधिक लोगों के बीमार पड़ने की जानकारी मिली है.
एसपी ने गैस की वजह से बीमार हुए लोगों का इलाज़ कर रहे स्थानीय चिकित्सकों से बात की है. चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि किसी ज़हरीली गैस की वजह से लोग बीमार पड़े हैं.
अभी यह पता नहीं चल पाया है कि टैंकर से किस गैस का रिसाव हुआ था. माना जा रहा है कि यह टैंकर रेहला या गढ़वा की किसी गैस फ़ैक्ट्री से चला था.
इस घटना के संबंध में अभी स्थानीय केमिकल फ़ैक्ट्रियों की तरफ से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है.
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