आडवाणी के दरबार में नेताओं का जमघट

आडवाणी

भाजपा ने नरेन्द्र मोदी को अगले लोकसभा चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तो घोषित कर दिया लेकिन पार्टी इस मुद्दे पर अपने शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी की नाराज़गी को अभी तक दूर नहीं कर पाई है.

आडवाणी को मनाने के लिए सुबह से ही उनके घर भाजपा के नेताओं का पहुंचना जारी है.

शनिवार को लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, अनंत कुमार, मुरलीधर राव और बलबीर पुंज आडवाणी के घर पहुंचे.

इन नेताओं ने आडवाणी के घर पर लगभग दो घंटे बिताए. बाहर निकल कर सुषमा स्वराज ने पत्रकारों से सिर्फ़ इतना कहा कि सब ठीक है.

ख़बरों के मुताहिक पार्टी नेताओं को आशंका है कि आडवाणी कहीं कोई ऐसा कदम न उठा दे जिससे पार्टी की एक बार फिर फज़ीहत हो.

इससे पहले गोवा में जब मोदी को चुनाव <link type="page"><caption> प्रचार अभियान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/index.shtml" platform="highweb"/></link> का प्रमुख बनाया गया था तो इससे नाराज़ <itemMeta>hindi/india/2013/09/130913_modi_advani_tb</itemMeta> ने पार्टी में सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.

आख़िरकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हस्तक्षेप के बाद ही आडवाणी ने इस्तीफा वापस लिया था.

पुनरावृत्ति

पार्टी नेता इसकी पुनरावृत्ति नहीं चाहते हैं और यही वजह है कि पार्टी के कई बड़े नेता उनके मान-मनौव्वल में जुटे हैं.

इससे पहले शुक्रवार को दिनभर आडवाणी को मनाने की कोशिशें ज़ारी रहीं लेकिन वो संसदीय बोर्ड की बैठक के लिए निकले तो ज़रुर लेकिन वापस लौट आए.

आडवाणी ने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को एक चिट्ठी लिखकर उनकी कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया था.

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