नमो की नई सियासी पारी

मोदी तेज़ी से राजनीतिक सीढ़ियाँ चढ़ रहे हैं. उनके राजनीतिक जीवन में 13 सितम्बर की तारीख़ एक अहम पड़ाव के रूप में दर्ज हो गई है. तस्वीरों में देखिए.

नरेंद्र मोदी
इमेज कैप्शन, नरेंद्र मोदी को भाजपा ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है. प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरे देश के जनता की भावना को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने ये फ़ैसला लिया है.
नरेंद्र मोदी
इमेज कैप्शन, राजनाथ सिंह ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी हमेशा अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करती रही है. आज संसदीय बोर्ड की बैठक इसीलिए बुलाई गई थी और बोर्ड ने फ़ैसला किया है कि नरेंद्र मोदी को 2014 के चुनाव के लिए भाजपा का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए."
नरेंद्र मोदी
इमेज कैप्शन, नितीन गडकरी, अरूण जेटली, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज और रवि शंकर प्रसाद जैसे नेताओं ने फूल मालाओं के साथ नरेंद्र मोदी का स्वागत किया. नरेंद्र मोदी को बधाई देने के लिए मंच पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की भीड़ उमड़ी. नेता एक दूसरे को लड्डू खिलाकर प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने गले मिलकर और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी मोदी को बधाई दी.
नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेतली
इमेज कैप्शन, हाल के वर्षों में भारत की राजनीति में नरेंद्र मोदी जैसे चंद राजनेता ही नज़र आते हैं जिन्होंने जनमत को इतना प्रभावित और ध्रुवीकृत किया है. ये जुमला नरेंद्र मोदी पर बिल्कुल सही बैठता है कि आप उनके पक्ष में हो सकते हैं या धुर विरोधी हो सकते हैं, लेकिन उन्हें अनदेखा नहीं कर सकते.
नरेंद्र मोदी
इमेज कैप्शन, इसे नरेंद्र मोदी का करिश्मा ही कहा जाएगा कि चाहे गुजरात विधानसभा चुनाव हो या फिर कोई और चुनाव भारतीय जनता पार्टी से कहीं ज्यादा, मोदी का व्यक्तित्व हावी हो जाता है. वर्ष 1950 में वाडनगर, मेहसाना, गुजरात में जन्मे नरेंद्र मोदी ने राजनीति शास्त्र में एमए किया. बचपन से ही उनका संघ की तरफ़ ख़ासा झुकाव था और गुजरात में आरएसएस का मज़बूत आधार भी था.
नरेंद्र मोदी के समर्थक
इमेज कैप्शन, वे 1967 में 17 साल की उम्र में अहमदाबाद पहुँचे और उसी साल उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ली. इसके बाद 1974 में वे नव निर्माण आंदोलन में शामिल हुए. इस तरह सक्रिय राजनीति में आने से पहले मोदी कई वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे.
नरेंद्र मोदी के पोस्टर
इमेज कैप्शन, 1980 के दशक में जब मोदी गुजरात की भाजपा ईकाई में शामिल हुए तो माना गया कि पार्टी को संघ के प्रभाव का सीधा फ़ायदा होगा. वे वर्ष 1988-89 में भारतीय जनता पार्टी की गुजरात ईकाई के महासचिव बनाए गए. नरेंद्र मोदी ने लाल कृष्ण आडवाणी की 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा के आयोजन में अहम भूमिका अदा की. इसके बाद वो भारतीय जनता पार्टी की ओर से कई राज्यों के प्रभारी बनाए गए. (फोटोः हेमंत रावत)
लालकृष्ण आडवाणी के घर के बाहर नरेंद्र मोदी
इमेज कैप्शन, प्रेस कांफ़्रेंस में नरेद्र मोदी के एक ओर सुषमा स्वराज बैठी हुई थीं तो दूसरी ओर पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह बैठे हुए थे. यह फ़ैसला 13 तारीख़ (शुक्रवार) को लिया गया. इस तारीख़ को लेकर कई अटकलें रहती हैं. मोदी को इसी दिन भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री पद के अपने दावेदार के तौर पर चुना है. कई लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या इससे मोदी के भविष्य पर कोई असर पड़ेगा? (फ़ोटोः हेमंत रावत)
लालकृष्ण आडवाणी के घर के बाहर नरेंद्र मोदी
इमेज कैप्शन, भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी ने अनेक वर्षों तक एक कार्यकर्ता के तौर पर उत्तरदायित्व निभाने का मौक़ा दिया. भाजपा में अनेक वर्ष तक भिन्न दायित्व निभाते हुए और परमात्मा से प्रदान शक्ति के अनुसार मैं सेवा करता रहा हूँ. भाजपा ने मुझ जैसे छोटे से क़स्बे से आए कार्यकर्ता को बहुत बड़ा अवसर दिया है. पार्टी ने मेरे जैसे मामूली परिवार से आए कार्यकर्ता को बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी है." (फोटोः हेमंत रावत)
लालकृष्ण आडवाणी के घर के बाहर सुरक्षा कर्मी
इमेज कैप्शन, मोदी ने कहा, "मुझे विश्वास है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरा देश भारतीय जनता पार्टी को एक नई सोच और उम्मीद के साथ समर्थन करेगी. देश जब संकट की घड़ी से गुज़र रहा है तो भाजपा को देश को संकट के निकालने में देशवासियों की मदद की ज़रूरत है. हमारे जो एनडीए के साथी हैं उन्होंने मुझे फ़ोन पर समर्थन दिया है." (फोटोः हेमंत रावत)
लालकृष्ण आडवाणी के घर के बाहर सुरक्षा कर्मी
इमेज कैप्शन, राजनाथ सिंह ने ये भी स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी के नाम पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी सहयोगी दलों का समर्थन हासिल है. हालांकि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी नहीं आए. हालांकि बाद में उनका एक पत्र ज़रूर मीडिया में आया जिसमें उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह के कामकाज पर असंतोष जाहिर किया है. (फ़ोटोः हेमंत रावत)