काले जादू के ख़िलाफ़ लड़ने वालों के समर्थन में प्रदर्शन

नरेंद्र दाभोलकर
इमेज कैप्शन, दाभोलकर अंधविश्वास के ख़िलाफ़ क़ानून के लिए मुहिम चला रहे थे.

काले जादू के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने वाले नरेन्द्र दाभोलकर की मंगलवार को पुणे में दो अज्ञात हमलावरों द्वारा <link type="page"><caption> हत्या</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130820_dabholkar_murder_dp.shtml" platform="highweb"/></link><link type="page"><caption> </caption><url href="" platform="highweb"/></link>के विरोध में पुणे और दिल्ली समेत देशभर में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन एवं सभाएँ आयोजित की जा रही हैं.

दिल्ली में सामाजिक संगठन अनहद और कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रेसवार्ता करेंगे और धर्म के संबंध में वैज्ञानिक तर्क रखेंगे. इनमें प्रोफेसर यशपाल और ग़ौहर रज़ा समेत कई अन्य वैज्ञानिक भी शामिल होंगे.

वहीं नरेंद्र दाभोलकर की हत्या मामले में संदेह के घेरे में आ रही सनातन संस्था दोपहर दो बजे प्रेसवार्ता करके अपना पक्ष रखेगी.

पुणे में कई सामाजिक संगठनों एव राजनीतिक पार्टियों ने पुणे बंद का आह्वान किया है. शहर के व्यापारियों ने भी बंद का समर्थन किया है. शिवसेना, मनसे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी बंद में शामिल हैं.

नरेंद्र दाभोलकर के लिए शाम साढ़े तीन बजे पुणे के महापालिका भवन में श्रद्धांजलि सभा रखी गई है. जबकि सुबह दस बजे से कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन एवं राजनीतिक पार्टियां महापालिका भवन से खंडई तक पैदल मार्च करेंगें.

अंधविश्वास के ख़िलाफ़ कानून

शाम को चार बजे एसएम जोशी सभागार में श्रद्धांजलि सभा भी होगी. पुणे में शाम को छह बजे भी कैंडल मार्च निकाला जाएगा. अलग-अलग सामाजिक संगठनों ने पुणे में शांतिपूर्वक प्रदर्शनों का आह्वान किया है.

नरेंद्र दाभोलकर ने समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को खत्म करने और वैज्ञानिक चेतना जगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की अगुवाई की थी.

साथ ही वो प्रगतिवादी विचारधारा की पत्रिका ‘साधना’ के संपादक भी थे.

महाराष्ट्र के सतारा ज़िले के रहने वाले दाभोलकर सामाजिक कुप्रथाओं और अंधविश्वास के ख़िलाफ क़ानून लाने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में एक विधेयक लाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन कुछ लोग उनकी इस मुहिम के ख़िलाफ थे.

71 वर्षीय दाभोलकर की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सक</bold>ते हैं.)